वाराणसी में बाढ़ से हड़कंप, पीएम मोदी ने DM से फोन पर लिया जायजा!
वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी सीमा के पार पहुंच गया है। बाढ़ के हालात के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के महापौर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर प्रभावित इलाकों और राहत-बचाव की तैयारियों का जायजा लिया।
दि राइजिंग न्यूज़ | वाराणसी | 03 सितंबर 2026
वाराणसी में बाढ़ के हालात पर पीएम मोदी ने ली जानकारी
वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के महापौर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर मौजूदा हालात की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों, वहां रहने वाले लोगों की स्थिति और प्रशासन की ओर से किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने राहत कार्यों को प्रभावी तरीके से जारी रखने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने और स्थिति के अनुसार तत्काल कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
चेतावनी सीमा के पार पहुंचा गंगा का जलस्तर
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गुरुवार सुबह वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.54 मीटर तक पहुंच गया। यह स्तर 70.262 मीटर की चेतावनी सीमा से ऊपर है। सुबह छह बजे राजघाट माप स्थल पर गंगा के जलस्तर में लगभग दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी।राजघाट माप स्थल पर गंगा के खतरे का निशान 71.262 मीटर निर्धारित है। वहीं अब तक दर्ज किया गया उच्चतम बाढ़ स्तर 73.901 मीटर रहा है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण नदी के किनारे बसे कई इलाकों में पानी पहुंच गया है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
गंगा और वरुणा किनारे के इलाकों पर प्रशासन की नजर
गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ वाराणसी के कई निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जिला प्रशासन की ओर से गंगा और वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रभावित इलाकों में लोगों की जरूरतों और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारियों की भी समीक्षा की जा रही है।प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह की आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की है। संभावित खतरे को देखते हुए राहत और बचाव दलों को तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
नाव से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे अधिकारी
इससे पहले मंगलवार को वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल और जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया था। दोनों अधिकारियों ने बढ़ते पानी के कारण प्रभावित और विस्थापित लोगों के लिए की गई व्यवस्थाओं की जानकारी ली। अधिकारी नमो घाट से राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की नाव के जरिए प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे।अधिकारियों ने सालारपुर, सरैया, कोनिया, पुल कोहना, ढेलवरिया और सराय मोहाना समेत कई क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति और वहां रह रहे लोगों की परेशानियों को समझने का प्रयास किया। अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन को प्रभावित लोगों की जरूरतों के अनुसार तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रभावित लोगों से बातचीत कर मदद का भरोसा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन की ओर से लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ता है तो वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पर्याप्त नावों और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल को सतर्क रहने के निर्देश
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के जवानों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी आपात स्थिति में बिना देरी किए बचाव कार्य शुरू किया जाए। नदी के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया है।प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें। नदी के बढ़ते पानी के बीच अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
राहत शिविरों में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सालारपुर के प्राथमिक विद्यालय और विद्या विहार इंटर कॉलेज में राहत शिविर बनाए गए हैं। अधिकारियों ने इन राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां रह रहे प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस दौरान लोगों से भोजन, पानी, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं के बारे में जानकारी ली गई।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पीने का साफ पानी, बिजली, रोशनी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खास तौर पर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जरूरतों का ध्यान रखने को कहा है।
राहत शिविरों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की टीमों को राहत शिविरों में नियमित स्वास्थ्य जांच करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जरूरत के अनुसार आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। बाढ़ के बाद बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए साफ-सफाई और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों को राहत शिविरों में नियमित साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। शिविरों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए निगरानी कैमरे लगाने की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि वहां रहने वाले प्रभावित परिवारों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
प्रशासन ने तैयार रखी राहत और बचाव की व्यवस्था
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की ओर से राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखी गई है। नावों और बचाव दलों को भी आवश्यकतानुसार इस्तेमाल के लिए तैयार रखा गया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने के बाद प्रशासन के स्तर पर बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने पर और अधिक जोर दिया जा रहा है। फिलहाल गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
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