वाराणसी में लगातार हो रही बारिश,7 डिग्री गिरा पारा:मौसम वैज्ञानिक बोले-उत्तरी छत्तीसगढ़ में बने निम्न दबाव का असर, आगे 24 घंटे का येलो अलर्ट किया जारी

Sep 26, 2026 - 08:14
0
वाराणसी में लगातार हो रही बारिश,7 डिग्री गिरा पारा:मौसम वैज्ञानिक बोले-उत्तरी छत्तीसगढ़ में बने निम्न दबाव का असर, आगे 24 घंटे का येलो अलर्ट किया जारी
वाराणसी में शनिवार सुबह से मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। आसमान में घने बादल छाए हैं और रुक-रुककर बूंदाबांदी हो रही है। सुबह शहर का तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम में नमी बढ़ने और तेज हवाओं के चलते लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में ठंडक का अहसास हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 24 घंटे तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके प्रभाव से पिछले करीब 48 घंटे से पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत वाराणसी में रुक-रुककर बारिश हो रही है। इस दौरान तेज हवाएं भी चल रही हैं। कुछ इलाकों में हवा की गति करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। रविवार से मौसम में सुधार के संकेत मौसम वैज्ञानिकों मनोज श्रीवास्तव के अनुसार रविवार से धीरे-धीरे मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश का प्रभाव कम होने और बादलों के छंटने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर बादल और हल्की बारिश की स्थिति बनी रह सकती है। उन्होंने कहा उत्तरी छत्तीसगढ़ में निम्न दबाव के कारण उत्तर-उत्तरपश्चिम के दिशा में बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव से बढ़ी नमी बीएचयू के भू-भौतिकी विभाग की ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी शिवमंगल सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र इस समय बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय है। इस मौसमी सिस्टम के कारण आसपास के वातावरण में मौजूद नमी से भरी मानसूनी हवाएं इसकी ओर आकर्षित हो रही हैं। यही नम हवाएं बारिश वाले बादलों को अपने साथ लेकर आती हैं। इसके परिणामस्वरूप पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादल बनने और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, निम्न दबाव के क्षेत्र की स्थिति और उसकी दिशा में बदलाव के आधार पर आने वाले घंटों में बारिश की तीव्रता में भी परिवर्तन हो सकता है। तेज हवा और नमी से धान की फसल पर असर लगातार बारिश के साथ तेज हवाओं ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। खासकर धान की फसल को लेकर कृषि विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और खेतों में लगातार बनी रहने वाली नमी के कारण धान के पौधों के गिरने यानी लॉजिंग का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा अधिक नमी की स्थिति में फसल में कीट और रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका रहती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करते रहें और पौधों की स्थिति पर नजर रखें।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User