वाराणसी में स्ट्रीट वेंडरों का नगर निगम पर प्रदर्शन:नाइट मार्केट में दुकान आवंटन समेत पांच मांगें उठाईं,9 अक्टूबर को वेंडिंग कमेटी की बड़ी बैठक
वाराणसी शहर में पटरी व्यवसायियों के उत्पीड़न, वेंडिंग जोन की कमी और रोजगार की सुरक्षा समेत विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को सैकड़ों स्ट्रीट वेंडरों ने नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। राष्ट्रीय फेरी पटरी ठेला व्यवसायी महासंघ के बैनर तले पहुंचे वेंडरों ने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बड़ी संख्या में व्यवसायियों के पहुंचने से निगम परिसर में काफी देर तक हलचल की स्थिति रही। प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही नगर निगम के अधिकारियों ने वेंडरों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक निगम के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं और ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने स्ट्रीट वेंडरों से जुड़े पांच प्रमुख मुद्दों के समाधान की मांग की। वेंडरों का कहना था कि शहर में बड़ी संख्या में लोग फेरी-पटरी और ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन लगातार कार्रवाई और वेंडिंग जोन की कमी के कारण उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो रहा है। नाइट मार्केट को वेंडरों के लिए संचालित करने की मांग महासंघ की प्रमुख मांग चौकाघाट-लहरतारा फ्लाईओवर के नीचे करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए नाइट मार्केट को वास्तविक स्ट्रीट वेंडरों के लिए संचालित करने की रही। वेंडरों ने कहा कि बाजार का उद्देश्य पटरी व्यवसायियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराना था, लेकिन इसका अपेक्षित लाभ वास्तविक वेंडरों को नहीं मिल पा रहा है। महासंघ ने मांग की कि पात्र स्ट्रीट वेंडरों का नियमानुसार चयन कर उन्हें नाइट मार्केट में दुकानें आवंटित की जाएं, ताकि बाजार को व्यवस्थित तरीके से आबाद किया जा सके और सड़क किनारे लगने वाले ठेलों एवं दुकानों को निर्धारित स्थान मिल सके। पुलिस उत्पीड़न का मुद्दा भी उठाया प्रदर्शन के दौरान वेंडरों ने पुलिसिया कार्रवाई और कथित उत्पीड़न का मुद्दा भी नगर आयुक्त के सामने रखा। उनका कहना था कि कई स्थानों पर पटरी व्यवसायियों को दुकान लगाने को लेकर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। महासंघ ने मांग की कि पुलिस और नगर निगम के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाकर ऐसी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए, जिससे नियमों के दायरे में रहकर कारोबार करने वाले वेंडरों को अनावश्यक परेशानी न हो। प्रतिनिधिमंडल ने वेंडरों के रोजगार की सुरक्षा, पर्याप्त वेंडिंग जोन उपलब्ध कराने और विभिन्न विभागों के स्तर पर लंबित समस्याओं के समाधान की भी मांग की। 9 अक्टूबर को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं सुनने के बाद आश्वासन दिया कि वेंडरों की मांगों के समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर 2026 को टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक बुलाई जाएगी। इसमें वेंडरों की ओर से उठाई गई सभी मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पुलिस उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ भी बैठक किए जाने का आश्वासन दिया गया। नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एक साथ बैठकर फेरी-पटरी और ठेला व्यवसायियों की समस्याओं पर चर्चा करेंगे।
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