विधवा महिला को पंचायत भवन से बेघर करने का आरोप:मैनपुरी में जर्जर मकान गिरने पर पंचायत भवन में रह रही थी
मैनपुरी के धमियांपुर गांव में एक विधवा महिला ने प्रशासनिक अधिकारियों पर पंचायत भवन से जबरन बाहर निकालने और सामान फेंकने का आरोप लगाया है। महिला का पुराना मकान गिरने के बाद वह पिछले कई सालों से पंचायत भवन में रह रही थी। महिला का कहना है कि उसके पास परिवार के साथ रहने के लिए कोई दूसरा मकान नहीं है। उसने सरकारी आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन भी किया है, लेकिन अभी तक उसे इसका लाभ नहीं मिला है। महिला ने इस मामले में डीएम को शिकायत पत्र देकर सही जांच और आवास दिलाने की मांग की है। धमियांपुर गांव की लता देवी ने डीएम को दिए शिकायत पत्र में बताया कि उनके पति सरमन सिंह की करीब 25 साल पहले मौत हो चुकी है। उनका पैतृक मकान बहुत पुराना था, जो बाद में टूटकर गिर गया। इसके बाद, पिछली ग्राम पंचायत ने उन्हें बच्चों के साथ पंचायत भवन में रहने की इजाजत दी थी। तभी से वह अपने बच्चों के साथ वहीं रहकर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का गुजर-बसर कर रही हैं। महिला के अनुसार, 24 सितंबर को लेखपाल रवि यादव, तहसीलदार, मौजूदा ग्राम प्रधान और पुलिसकर्मी पंचायत भवन पहुंचे। उस समय लता देवी नहा रही थीं। लता देवी का आरोप है कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने अंदर आकर उन्हें बच्चों समेत बाहर निकलने के लिए दबाव डाला। महिला ने अधिकारियों से कहा कि उनका अपना मकान टूट चुका है और रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं है। ऐसे में वह बच्चों को लेकर कहां जाएंगी। लता देवी ने यह भी आरोप लगाया कि इसी दौरान लेखपाल ने उनका सामान बाहर फेंकना शुरू कर दिया। महिला ने अधिकारियों से कहा कि अगर उन्हें सरकार की ओर से आवास मिल जाता है, तो वह पंचायत भवन खाली कर अपने मकान में चली जाएंगी। शिकायत में महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनसे दबाव बनाकर कुछ दस्तावेजों पर दस्तखत करा लिए गए।
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