वकील का अनिश्चितकालीन निलंबन नहीं कर सकती बार काउंसिल:इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल का आदेश रद्द किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी बार काउंसिल का वह आदेश रद्द किया, जिसमें सेंट्रल बार एसोसिएशन, लखनऊ के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महासचिव अवनीश दीक्षित का रजिस्ट्रेशन 'अगले आदेश तक' निलंबित हुआ था। कोर्ट ने कहा कि अधिवक्ता अधिनियम में अनिश्चितकालीन अंतरिम निलंबन का प्रावधान नहीं है। जस्टिस शेखर बी सराफ और जस्टिस अवधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि बार काउंसिल अनुशासनात्मक शिकायत पर सिर्फ धारा 35 के तहत कार्रवाई कर सकती है। धारा 35(3) में शिकायत खारिज करने, फटकार लगाने या तय अवधि के लिए निलंबित करने जैसे दंड हैं, 'अगले आदेश तक' निलंबन का प्रावधान नहीं है। जायसवाल और दीक्षित पर बार काउंसिल के प्रस्ताव का विरोध और उसे अखबारों में छपवाने का आरोप था। यूपी बार काउंसिल की अनुशासन समिति के अध्यक्ष ने 26 सितंबर को दोनों का रजिस्ट्रेशन निलंबित किया था। हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं को 11 अक्टूबर को अनुशासन समिति के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
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