वन-बॉन्ड-वन सैलरी की मांग पर डॉक्टरों की पिटाई से नाराजगी:सोनभद्र डीएम को सौंपा ज्ञापन, धक्का-मुक्की और लाठी इस्तेमाल करने का आरोप
सोनभद्र में रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने वन बॉन्ड-वन सैलरी की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने की मांग की। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें एक सप्ताह में शासनादेश जारी करने का आश्वासन मिला था, लेकिन 40 दिन बाद भी कोई सूचना नहीं मिली। इसी को लेकर शुक्रवार दोपहर करीब 3:30 बजे डॉक्टरों ने जिलाधिकारी को उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के नाम संबोधित पत्रक सौंपा। 40 दिन इंतजार के बाद आंदोलन का रास्ता अपनाने का दावा एसोसिएशन की ओर से जारी पत्र और सदस्य सौरभ नायक के अनुसार, चिकित्सक करीब 40 दिनों तक शासनादेश का इंतजार करते रहे। मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन करना पड़ा। आरोप है कि लखनऊ के गांधी पार्क में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने चिकित्सकों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। वहां उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और लाठी का इस्तेमाल किया गया। एसोसिएशन का दावा है कि इस दौरान कुछ चिकित्सक घायल हुए। महिला चिकित्सकों के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। बल प्रयोग के बजाय संवाद से समाधान की मांग रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि चिकित्सक मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। एसोसिएशन के मुताबिक, किसी भी विवाद का समाधान बल प्रयोग के बजाय बातचीत के माध्यम से किया जाना चाहिए। सरकार से अधिकृत प्रतिनिधि भेजने की अपील एसोसिएशन ने सरकार से वार्ता के लिए अधिकृत प्रतिनिधि भेजने की मांग की, ताकि वन बॉन्ड-वन सैलरी के मुद्दे पर सार्थक बातचीत हो सके। साथ ही लखनऊ में हुई कथित पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की गई। फिलहाल, मामले में पुलिस और शासन का पक्ष सामने नहीं आया है। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है।
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