वनीत भाटिया बने 'संस्कृतिग्राम' के संरक्षक:कला एवं साहित्य जगत में दौड़ी उत्साह की लहर
लोक-संस्कृति, रंगमंच, संगीत, साहित्य और दृश्य कलाओं के संवर्धन के लिए कार्यरत 'संस्कृतिग्राम सांस्कृतिक केंद्र' के अभियान को उस वक्त एक नई मजबूती मिली, जब वरिष्ठ समाजसेवी वनीत भाटिया को संस्था की हरियाणा इकाई का संरक्षक मनोनीत किया गया। उनके इस महत्वपूर्ण दायित्व को संभालने से कला, साहित्य एवं रंगमंच से जुड़े कार्यकर्ताओं में उत्साह की नई लहर दौड़ गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ रंगकर्मी अभि धीमान और सुमित कश्यप ने वनीत भाटिया का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भाटिया के व्यापक अनुभव और मार्गदर्शन से हरियाणा में उभरती युवा सांस्कृतिक प्रतिभाओं को एक सशक्त मंच प्राप्त होगा। इस दौरान संस्कृतिग्राम की टीम ने यह संकल्प लिया कि वे भविष्य में रंगमंच, लघु फिल्मों और लोक-कला आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को सृजनात्मक गतिविधियों से जोड़ने का निरंतर प्रयास करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि संस्कृतिग्राम अब केवल एक संस्था नहीं, बल्कि कलाओं के संवर्धन का एक सशक्त आंदोलन बन चुका है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)