राष्ट्रपति ने वीरता पुरस्कारों से बढ़ाया जवानों का सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और विभिन्न राज्यों के पुलिस कर्मियों को वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। इस दौरान 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र प्रदान किए गए। कई वीर जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया, जिनके परिजनों ने गर्व और भावुक माहौल में पुरस्कार ग्रहण किए।

राष्ट्रपति ने वीरता पुरस्कारों से बढ़ाया जवानों का सम्मान

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 9 जून 2026

राष्ट्रपति भवन में वीरता और बलिदान का सम्मान

देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाने वाले बहादुर जवानों को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में सम्मानित किया गया। देश की सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस कर्मियों को उनकी असाधारण वीरता, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए वीरता पुरस्कार प्रदान किए। समारोह के दौरान पूरे वातावरण में देशभक्ति, गर्व और सम्मान का भाव दिखाई दिया। वीर जवानों और उनके परिवारों के लिए यह क्षण जीवनभर याद रखने वाला बन गया।

कुल 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए

राष्ट्रपति ने समारोह में कुल 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किए। इनमें 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल रहे। इन पुरस्कारों में कई वीर सैनिकों को मरणोपरांत सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।

कीर्ति चक्र से सम्मानित हुए सात जांबाज

शांतिकाल का दूसरा सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र इस वर्ष कुल सात वीरों को प्रदान किया गया। इनमें दो वीर जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया। जब शहीद जवानों के परिजन राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण करने मंच पर पहुंचे तो पूरा राष्ट्रपति भवन तालियों की गूंज से भर उठा। उपस्थित लोगों की आंखों में गर्व और भावनाओं का अनूठा संगम दिखाई दिया। कीर्ति चक्र उन सैनिकों और सुरक्षाकर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने असाधारण साहस और वीरता का परिचय देते हुए राष्ट्रहित में अद्वितीय योगदान दिया हो।

गगनयान मिशन के अंतरिक्ष यात्री को भी मिला सम्मान

इस वर्ष सम्मानित होने वाले प्रमुख नामों में गगनयान मिशन से जुड़े भारतीय वायुसेना के एयर कमोडोर पी बालकृष्णन नायर भी शामिल रहे। उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। उनकी उपलब्धि को भारत के अंतरिक्ष और रक्षा क्षेत्र की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

वीर चक्र से सम्मानित हुए 15 बहादुर जवान

युद्धकाल में प्रदान किए जाने वाले महत्वपूर्ण वीरता सम्मान वीर चक्र से इस बार 15 जवानों को सम्मानित किया गया। इनमें तीन जवानों को मरणोपरांत यह सम्मान दिया गया। इन वीर सैनिकों ने सीमा क्षेत्रों में घुसपैठ रोकने, आतंकवाद विरोधी अभियानों और दुश्मन के खिलाफ जोखिम भरे ऑपरेशनों में असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया था। उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को राष्ट्र ने सर्वोच्च सम्मान के साथ स्वीकार किया।

शौर्य चक्र से नवाजे गए 29 सुरक्षाकर्मी

समारोह में 29 शौर्य चक्र भी प्रदान किए गए। शौर्य चक्र देश का तीसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार माना जाता है। यह सम्मान उन जवानों को दिया जाता है जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में असाधारण साहस और आत्मबलिदान का परिचय दिया हो। इस वर्ष प्रदान किए गए 29 शौर्य चक्रों में एक सम्मान मरणोपरांत दिया गया।

सेना के साथ अर्धसैनिक बलों को भी मिला सम्मान

पुरस्कार प्राप्त करने वालों में केवल भारतीय सेना के जवान ही नहीं बल्कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल और विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा विशेष आतंकवाद विरोधी इकाइयों के जवान भी शामिल रहे। इन सुरक्षाकर्मियों ने देश के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में कठिन अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था।

आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ दिखाई वीरता

सम्मानित किए गए जवानों ने जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में उग्रवाद विरोधी कार्रवाई तथा देश के विभिन्न हिस्सों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचालित अभियानों में भी इन जवानों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। कई ऑपरेशन ऐसे थे जिनमें सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर नागरिकों और साथियों की रक्षा की।

शहीदों के परिवारों को राष्ट्र का नमन

मरणोपरांत सम्मान प्राप्त करने वाले वीर जवानों के परिजनों की उपस्थिति समारोह का सबसे भावुक क्षण रही। राष्ट्रपति ने शहीदों के परिवारों को सम्मानित करते हुए कहा कि राष्ट्र उनके बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। देश की सुरक्षा और अखंडता के लिए दिए गए उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।

वीरता और समर्पण का प्रेरणादायक संदेश

राष्ट्रपति भवन में आयोजित यह समारोह केवल पुरस्कार वितरण कार्यक्रम नहीं बल्कि राष्ट्र के उन वीर सपूतों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर था जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। इन वीर जवानों की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति उनके समर्पण को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।