देशभर में भारी बारिश की चेतावनी, जानिए कहां और कब

दि राइजिंग न्यूज। 01 जुलाई 2025 ।  भारत में मानसून 2025 अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 2 जुलाई से 7 जुलाई तक कई राज्यों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। देश के उत्तर, मध्य, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश का कहर बढ़ेगा, जिससे जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर गहरा असर पड़ सकता है।

देशभर में भारी बारिश की चेतावनी,  जानिए कहां और कब
Heavy rain warning across the country!

दि राइजिंग न्यूज। 01 जुलाई 2025 । 

भारत में मानसून 2025 अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मौसम विभाग (IMD) ने आगामी 2 जुलाई से 7 जुलाई तक कई राज्यों में भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। देश के उत्तर, मध्य, पूर्वी और पश्चिमी क्षेत्रों में बारिश का कहर बढ़ेगा, जिससे जनजीवन और कृषि गतिविधियों पर गहरा असर पड़ सकता है।


क्षेत्रवार बारिश का फोरकास्ट (Rain Forecast by Region):

उत्तर भारत:

  • उत्तराखंड: 2 जुलाई, 6-7 जुलाई को भारी बारिश।

  • हिमाचल प्रदेश: 2 से 5 जुलाई तक भारी से अति भारी वर्षा।

  • पूर्वी राजस्थान: 2 से 7 जुलाई के बीच अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश।

  • पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़: 5 से 7 जुलाई के बीच झमाझम बारिश।

  • उत्तर प्रदेश: 2 से 5 जुलाई तक वर्षा, खासकर पूर्वी हिस्सों में।

मध्य भारत:

  • मध्य प्रदेश: 5 से 7 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट

  • विदर्भ और छत्तीसगढ़: 7 जुलाई को तेज़ वर्षा की संभावना।

पूर्वी भारत:

  • बिहार, झारखंड, ओडिशा, बंगाल और सिक्किम: 2 से 5 जुलाई के बीच लगातार बारिश।

  • झारखंड और ओडिशा: 2-3 जुलाई को भारी बारिश विशेष रूप से पूर्वी जिलों में।

पश्चिम भारत:

  • गुजरात, सौराष्ट्र, कच्छ: 2 से 7 जुलाई के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश।

  • कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र घाट क्षेत्र: भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट

दक्षिण भारत:

  • तेलंगाना: 2 जुलाई को भारी बारिश।

  • तटीय आंध्र प्रदेश: 2 जुलाई को गरज के साथ बारिश।

  • केरल और माहे: 2 से 5 जुलाई तक भारी बारिश।

  • कर्नाटक (तटीय, उत्तर व दक्षिण आंतरिक क्षेत्र): 2 से 7 जुलाई तक रुक-रुक कर भारी बारिश।

पूर्वोत्तर भारत:

  • असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, नागालैंड: हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने और आंधी-तूफान की संभावना।


खतरे की घंटी – क्यों सतर्क रहें?

  • भूस्खलन, नदी में जलस्तर बढ़ना, शहरी जलभराव, और बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

  • कृषि और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर बड़ा प्रभाव – खासतौर पर धान, कपास, और सब्जी उत्पादक क्षेत्रों में।

  • रेल और हवाई सेवाओं में देरी की आशंका।

  • पहाड़ी इलाकों में टूरिज्म को भी बड़ा झटका लग सकता है।


विशेष सुझाव (सभी ज़िलों के लिए):

  • मौसम विभाग की IMD वेबसाइट और ऐप से रीयल टाइम अपडेट लेते रहें।

  • पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में यात्रा से बचें।

  • फसल कटाई, सिंचाई, और स्टोरेज प्रबंधन की अग्रिम तैयारी करें।