योगी बोले- महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं:प्रयागराज में मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण, कांग्रेस पर हमला

Oct 15, 2026 - 17:16
0
योगी बोले- महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं:प्रयागराज में मसुरियादीन की प्रतिमा का अनावरण, कांग्रेस पर हमला
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों के सम्मान के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला। कहा 'राहुल गांधी एक बात नोट करना। जेल में देश की आजादी के लिए केवल और केवल नेहरू नहीं गए थे, देश की आजादी के लिए मसुरियादीन पासी जी भी जेल गए थे। ' मुख्यमंत्री ने कहा कि मसुरियादीन ने एक-दो महीने या चार-छह महीने नहीं, बल्कि 1932 से 1944 के बीच नौ वर्ष जेल में रहकर आजादी की लड़ाई लड़ी। इतिहास के कालचक्र में उनके जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को विस्मृत कर दिया गया। महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश और समाज के लिए जीवन समर्पित करने वाले हर महापुरुष को सम्मान मिलना चाहिए। यह सम्मान किसी एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वंचितों और दलितों की आवाज उठाई, उन्हें आगे बढ़ाने के लिए संघर्ष किया, उनकी स्मृतियों को जीवंत रखना आवश्यक है। महापुरुषों को सम्मान देकर ही समाज आगे बढ़ सकता है। अतीत को सम्मान देने से वर्तमान संवरेगा और वर्तमान संवरेगा तो भविष्य भी उज्ज्वल होगा। भाजपा महापुरुषों को भुला नहीं सकती विरासत और विकास में विश्वास करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार अपने महापुरुषों को भुला नहीं सकती। उन्होंने कहा कि महापुरुषों का सम्मान किसी परिवार की बपौती नहीं है। जिन्होंने वंचितों और दलितों को सम्मान दिलाने के लिए संघर्ष किया, उन्हें भी उनका उचित सम्मान मिलना चाहिए। योगी ने प्रतिमा का अनावरण किया मुख्यमंत्री योगी तेलियरगंज स्थित महाशय मसुरियादीन स्मारक इंटर कॉलेज और टीवी कॉलोनी चौराहे के पास में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मसुरियादीन पासी की प्रतिमा के अनावरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर 1911 को जन्मे मसुरियादीन की जयंती महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के दिन ही पड़ती है। इसके बावजूद उनके योगदान को इतिहास में भुला दिया गया। आज उनकी भव्य प्रतिमा की स्थापना कर सरकार ने उनकी स्मृतियों को जीवंत बनाने का कार्य किया है। नेहरू के आगे भुला दिए गए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि मसुरियादीन ने अपना जीवन देश की स्वतंत्रता और समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। अपने लगभग 66-67 वर्ष के जीवन में उन्होंने नौ वर्ष जेल में बिताए। जेल से बाहर रहकर भी स्वतंत्रता आंदोलन के लिए जनजागरण करते रहे। जनता के बीच उनके प्रति सम्मान का परिणाम था कि वर्ष 1946 में वह उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य बने। स्वतंत्र भारत में वर्ष 1952 से 1972 के बीच चार बार लोकसभा के लिए चुने गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1952 में एक ही सीट से दो सांसद चुने जाते थे। उस समय पंडित जवाहरलाल नेहरू और मसुरियादीन पासी एक साथ चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में ऐसे अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, जिनकी स्मृतियों को सम्मान मिलना चाहिए। आंबेडकर और मसुरियादीन ने लड़ी लड़ाई मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम में अंग्रेजों को चुनौती देने वाली कई जातियों को अपमानित करने के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने 1871 में जरायम पेशा कानून बनाया था। पासी समाज सहित कई जातियों को इसकी श्रेणी में रखा गया। वर्ष 1952 में संसद पहुंचने के बाद महाशय मसुरियादीन ने इस कानून के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर और महाशय मसुरियादीन पासी ने इस काले कानून को समाप्त कराने की लड़ाई लड़ी। इस संघर्ष से पासी, सोनकर और अन्य वंचित समाजों को सम्मानजनक जीवन जीने तथा राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे महापुरुषों का योगदान आने वाली पीढ़ियों को बताया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने महाशय मसुरियादीन की पुत्री कमला कुमारी और पौत्र सचिन कुमार को आश्वस्त किया कि उनके सम्मान पर किसी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महाशय मसुरियादीन का सम्मान भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान है। मसुरियादीन के नाम पर होगा चौराहा, संस्था को भी मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री योगी ने महाशय मसुरियादीन की स्मृतियों को स्थायी बनाने के लिए महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने महापौर से कहा कि जिस चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित की गई है, उसका नाम महाशय मसुरियादीन पासी के नाम पर रखने का प्रस्ताव भेजें। प्रयागराज की किसी एक प्रमुख संस्था का नाम भी उनके नाम पर रखा जाएगा। उस संस्था में उनकी भव्य प्रतिमा भी स्थापित होगी, ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा ले सकें। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी', सांसद प्रवीण पटेल, विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, गुरु प्रसाद मौर्य, दीपक पटेल, पीयूष रंजन निषाद, वाचस्पति पासी, विधान परिषद सदस्य लालजी प्रसाद निर्मल, सुरेंद्र चौधरी, महापौर गणेश केसरवानी, भाजपा गंगापार जिलाध्यक्ष निर्मला पासवान सहित अन्य जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और महाशय मसुरियादीन पासी के परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User