नवादा में पति की हत्या के मामले में पत्नी को उम्रकैद, शव के छह टुकड़े कर फेंके थे

बिहार के नवादा में सुनील रजक की हत्या के मामले में अदालत ने पत्नी सरिता देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में सात साल का सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।

Oct 27, 2026 - 11:25
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नवादा में पति की हत्या के मामले में पत्नी को उम्रकैद, शव के छह टुकड़े कर फेंके थे

दि राइजिंग न्यूज़ | नवादा | 27 अक्टूबर 2026

बिहार के नवादा में पति सुनील रजक की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने पत्नी सरिता देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे सात साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी है। यह मामला मार्च 2024 का है, जब सुनील का शव क्षत-विक्षत हालत में मिला था। पुलिस जांच में आरोप सामने आया था कि सरिता ने अपने दो कथित साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी।

यह मामला नवादा जिले के रोह थाना क्षेत्र के बरापांडेया गांव का है। 12 मार्च 2024 को पुलिस को बरापांडेया और सुंदरा गांव के बीच सड़क किनारे स्थित एक आहर में बोरे के भीतर शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस को बोरे में शव का धड़ मिला, जबकि सिर, हाथ और पैर गायब थे। बाद में आसपास के खेतों से शरीर के अन्य हिस्से भी बरामद किए गए। कपड़ों और चप्पलों के आधार पर सरिता देवी ने शव की पहचान अपने पति सुनील रजक के रूप में की थी।

इस मामले में एक अहम बात यह भी सामने आई कि पति के लापता होने के बाद सरिता खुद थाने पहुंची थी। उसने पुलिस को बताया था कि सुनील तीन दिनों से गायब है। शुरुआत में पुलिस को उस पर संदेह नहीं हुआ, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ उसकी भूमिका पर सवाल उठने लगे। पुलिस ने मामले की गहराई से पड़ताल की और आरोपियों तक पहुंचने के लिए दूरभाष पर हुई बातचीत के विवरण की जांच की।

पुलिस के अनुसार, सरिता की पहचान रजनीश कुमार विश्वकर्मा से एक वेल्डिंग की दुकान के जरिए हुई थी। बाद में उसकी बातचीत सुजीत कुमार सिंह उर्फ सूरज से भी होने लगी। जांच के दौरान दूरभाष पर हुई बातचीत के विवरण और गुप्त सूचनाओं के आधार पर हत्या की कथित साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने सरिता और रजनीश को गिरफ्तार किया, जबकि सुजीत को महाराष्ट्र के पालघर जिले के नायगांव से पकड़ा गया था।

पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को 26 मार्च 2024 को जेल भेज दिया गया था। अब मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने 26 अक्टूबर 2026 को सरिता देवी को आजीवन कारावास, सात साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। नवादा का यह मामला शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकने और जांच के दौरान सामने आए कथित षड्यंत्र के कारण चर्चा में रहा है।

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