खरगे के बयान पर भड़की भाजपा, कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन Is this conversation helpful so far?
मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान के बाद भाजपा ने कई राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पटना में पुतला दहन, जयपुर में घेराव की कोशिश और चंडीगढ़ में मार्च के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका। भाजपा ने खरगे और राहुल गांधी से माफी की मांग की।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 26 अक्टूबर 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पटना में दिए गए एक बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज भाजपा कार्यकर्ता देश के कई हिस्सों में सड़कों पर उतर आए हैं। पटना, जयपुर, चंडीगढ़ और दिल्ली समेत विभिन्न स्थानों पर कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की गई। भाजपा ने खरगे से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की है।भाजपा ने सामाजिक माध्यम पर एक संदेश जारी करते हुए खरगे की टिप्पणी पर पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाने वाले हैं और जनता ने उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री चुना है। भाजपा ने अपने संदेश में कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का समर्थन प्राप्त है। इस विवाद के बाद दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।
पटना में भाजपा का जन आक्रोश मार्च, खरगे का पुतला फूंका
बिहार की राजधानी पटना में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के विरोध में जन आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च भाजपा के प्रदेश मुख्यालय से शुरू होकर आयकर गोलंबर तक पहुंचा। यहां भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने खरगे का पुतला फूंका और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को राजनीतिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए विरोध जताया।
जयपुर में कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े भाजपा कार्यकर्ता
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी खरगे के बयान को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता रास्ते में लगाई गई अवरोधक बाड़ पर चढ़कर नारेबाजी करते दिखाई दिए। भाजपा प्रदेश मुख्यालय से चौमूं हाउस सर्किल तक प्रदेश पदाधिकारियों और विभिन्न मोर्चों के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन, पुलिस ने लगाए अवरोधक
चंडीगढ़ में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यालय की ओर कूच किया। भाजपा कार्यकर्ता सेक्टर 33 स्थित अपने कार्यालय से सेक्टर 34 स्थित कांग्रेस कार्यालय की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए रास्ते में अवरोधक लगाए। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां भी तैनात की गईं। इस घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव को उजागर किया।
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने टिप्पणी को बताया मर्यादा का उल्लंघन
मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने खरगे की कथित टिप्पणी की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के प्रति भाषा की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में शब्दों का चयन जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। इस बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस नेतृत्व पर अपने हमले और तेज कर दिए हैं।
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर साधा निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस पर प्रधानमंत्री और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता लगातार ऐसे शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं, जो राजनीतिक मर्यादा के अनुरूप नहीं हैं। नवीन ने कांग्रेस की वर्तमान राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी हताशा और निराशा में इस तरह की बयानबाजी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री को देश के करोड़ों लोगों का समर्थन प्राप्त है।
भाजपा ने खरगे और राहुल गांधी से मांगी माफी
दिल्ली में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मल्लिकार्जुन खरगे के साथ-साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी माफी मांगने की मांग की। भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए कांग्रेस नेतृत्व को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। दूसरी ओर, इस विवाद ने राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
राजनीतिक विवाद के क्या हैं मायने
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कई राज्यों में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक संघर्ष का रूप लेता दिखाई दे रहा है। भाजपा इस मुद्दे को प्रधानमंत्री के सम्मान और राजनीतिक मर्यादा से जोड़ रही है, जबकि घटनाक्रम ने दोनों दलों के बीच पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और भाजपा के विरोध प्रदर्शनों पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी रहेगी। हालांकि, पूरे विवाद को समझने के लिए खरगे के मूल बयान का संदर्भ और दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं महत्वपूर्ण रहेंगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)