टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट:चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, हथियारों की सप्लाई और साजिश के नेटवर्क की जांच जारी

Oct 26, 2026 - 18:37
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टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा अपडेट:चारों आरोपी 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में, हथियारों की सप्लाई और साजिश के नेटवर्क की जांच जारी
बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई की किला कोर्ट ने चार आरोपियों को 28 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। आरोपियों में कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि इन चारों ने फायरिंग में इस्तेमाल हथियारों की सप्लाई और कथित साजिश में भूमिका निभाई। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 28 अक्टूबर तक की पुलिस कस्टडी मंजूर की। जांच एजेंसी अब हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई पहुंचाने और हमले के पीछे के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। हथियारों की खरीद और सप्लाई की कड़ियां खंगाल रही पुलिस आज तक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का आरोप है कि कुणाल और सुमित हथियार जुटाने के लिए अमृतसर गए थे। वहीं, राधा और बबीता पर ट्रेन के जरिए हथियार मुंबई पहुंचाने और उन्हें हमलावरों तक पहुंचाने में मदद करने का आरोप है। पुलिस इन भूमिकाओं की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से फोटो, वीडियो और हथियारों से जुड़ा डेटा मिला है। जांच एजेंसी इन डिजिटल सबूतों का सत्यापन कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच बातचीत के लिए सिग्नल ऐप का इस्तेमाल किया गया था, जिसे कथित तौर पर डिलीट कर दिया गया। जांचकर्ता फोन से मिले डेटा के आधार पर आरोपियों के आपसी संपर्क और उनकी भूमिका का पता लगाने में जुटे हैं। वॉइस नोट्स में हथियारों से जुड़ी बातचीत मिलने का दावा रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले वॉइस नोट्स में हथियारों की खरीद, डिलीवरी और फायरिंग के बाद उन्हें वापस भेजने के निर्देशों से जुड़ी बातचीत सामने आई है। पुलिस का दावा है कि आरोपी अनिल पंडित के निर्देश पर काम कर रहे थे और उन्होंने फायरिंग करने वालों को हथियार उपलब्ध कराने में मदद की थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि आरोपियों से आगे पूछताछ जरूरी है। जांच एजेंसी उनके बयानों और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी का मिलान करना चाहती है। पुलिस को यह भी पता लगाना है कि हथियारों की खरीद से लेकर हमलावरों तक पहुंचाने और वारदात के बाद उन्हें वापस भेजने की कथित योजना में किसकी क्या भूमिका थी। बचाव पक्ष ने पुलिस हिरासत का विरोध किया सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपियों की पुलिस हिरासत बढ़ाने का विरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, बचाव पक्ष के वकील अजिंक्य मिरगल ने दलील दी कि आरोपियों को केवल पूछताछ के लिए लगातार पुलिस हिरासत में रखना जरूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि आरोपियों से अन्य सह-आरोपियों के संबंध में पूछताछ न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी कोर्ट की अनुमति से की जा सकती है। पुलिस ने दूसरी ओर दलील दी कि आरोपियों के मोबाइल फोन से मिले डेटा का विश्लेषण करना है और उन्हें पहले गिरफ्तार किए गए सह-आरोपियों के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों की पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी। पुलिस ने 31 अक्टूबर तक कस्टडी मांगी थी। 18 अक्टूबर को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग यह मामला 18 अक्टूबर 2026 का है। मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर बाइक सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावरों ने कार पर पांच से छह राउंड फायरिंग की और इसके बाद मोटरसाइकिल से फरार हो गए। बाद में कथित तौर पर इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल अंधेरी इलाके में लावारिस मिली थी। इस घटना में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए थे। मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब फायरिंग को अंजाम देने वालों के साथ-साथ कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क और साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। अब तक 11 गिरफ्तारियां, जांच जारी इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें चार आरोपी कुणाल संजय, सुमित सरोलिया, राधा वर्मा और बबीता राव हैं, जिनकी पुलिस हिरासत 28 अक्टूबर तक बढ़ाई गई है। इससे पहले गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों की भूमिका और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है। जांच का मुख्य फोकस हथियारों की खरीद, उन्हें मुंबई तक पहुंचाने, हमलावरों को उपलब्ध कराने और वारदात के बाद उनसे जुड़े सबूतों की कड़ियां जोड़ने पर है। पुलिस पूछताछ और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।

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