बिहार विधान परिषद चुनाव: आठ सीटों पर मतगणना, अनंत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर मतगणना के बीच राजनीतिक हलचल तेज है। जदयू नेता श्याम रजक ने सभी आठ सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की जीत का दावा किया। वहीं, राजद, कांग्रेस और जन सुराज के प्रत्याशियों ने मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह के मुकाबले पर विशेष नजर है।

Oct 27, 2026 - 11:10
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बिहार विधान परिषद चुनाव: आठ सीटों पर मतगणना, अनंत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर

दि राइजिंग न्यूज़ | पटना | 27 अक्टूबर 2026

पटना, 27 अक्टूबर। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मंगलवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू हो गई। इस चुनाव में चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों पर कुल 150 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है। चुनाव के परिणामों को लेकर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस और जन सुराज के बीच मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। वहीं, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर विशेष नजर है, क्योंकि यहां मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने अपनी पार्टी के प्रत्याशी के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार का समर्थन किया है।

जदयू नेता श्याम रजक ने सभी आठ सीटों पर जीत का दावा किया

जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणामों को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सभी आठ सीटों पर जीत हासिल करेगा। उनके अनुसार, जनता ने गठबंधन के प्रत्याशियों के कामकाज और सरकार के कार्यों को देखा है, जिसका लाभ चुनाव में मिलने की उम्मीद है।श्याम रजक ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन प्रयासों से लोगों को लाभ मिला है और समाज में बदलाव आया है। उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाता गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में अपना समर्थन व्यक्त करेंगे। हालांकि, यह दावा राजनीतिक नेता का बयान है और वास्तविक स्थिति मतगणना के अंतिम परिणामों से ही स्पष्ट होगी।

राजद प्रत्याशी ने मतगणना केंद्र में सीसीटीवी नहीं होने पर उठाए सवाल

राष्ट्रीय जनता दल के विधान परिषद प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार सिंह ने पटना में मतगणना की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरे चुनावों में मतगणना कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, लेकिन यहां ऐसी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है। उनके अनुसार, इस स्थिति से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा होता है।डॉ. संजीव कुमार सिंह ने कहा कि मतगणना की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी प्रत्याशी को अनियमितता की आशंका न रहे। हालांकि, उन्होंने अपनी जीत को लेकर भी भरोसा जताया और कहा कि उन्हें परिणाम अपने पक्ष में आने की उम्मीद है। मतगणना में सीसीटीवी व्यवस्था को लेकर उठे सवालों पर प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है।

 अनंत सिंह की प्रतिष्ठा क्यों लगी है दांव पर

बिहार विधान परिषद चुनाव में मोकामा के विधायक अनंत सिंह स्वयं प्रत्याशी नहीं हैं, लेकिन पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के परिणाम उनके लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड के प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन किया है। इसी कारण इस सीट का मुकाबला राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है।अनंत सिंह के इस कदम को पार्टी के विरुद्ध बगावत के रूप में देखा गया, जिसके बाद जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। अब इस सीट पर आने वाला परिणाम यह तय करेगा कि किस प्रत्याशी को बढ़त मिलती है। यदि नीरज कुमार जीतते हैं, तो इसे अनंत सिंह के राजनीतिक समर्थन के लिए झटके के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, मतगणना पूरी होने से पहले किसी की जीत या हार को निश्चित नहीं माना जा सकता।

 जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह ने मतगणना व्यवस्था पर जताई नाराजगी

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह ने मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के बाहर कालीन बिछाई गई है, लेकिन अंदर उस स्थान पर गंदगी है जहां मतों की गिनती की जा रही है। उन्होंने मतगणना कक्ष में सीसीटीवी कैमरे नहीं होने का मुद्दा भी उठाया।डॉ. अनुज सिंह के अनुसार, मतगणना जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में उचित व्यवस्था और पारदर्शिता जरूरी है। उन्होंने इस संबंध में निर्वाचन आयोग से शिकायत करने की बात कही। दूसरी ओर, प्रशासन ने सीसीटीवी कैमरों को लेकर अलग पक्ष रखा है। ऐसे में मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं और प्रत्याशियों की शिकायतों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।

पटना के जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पालन करने की बात कही

पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने मतगणना केंद्र की व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी प्रक्रिया संचालित की जा रही है। उनके मुताबिक, प्रत्याशियों को आवश्यक जानकारी दी गई है और उन्हें मतगणना से संबंधित नियमों के बारे में भी बताया गया है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस चुनाव की मतगणना के दौरान कक्ष के भीतर सीसीटीवी कैमरे लगाने की व्यवस्था नहीं होती, बल्कि वीडियोग्राफी की जाती है। उन्होंने प्रशासन की तैयारियों को संतोषजनक बताया। इस प्रकार, प्रत्याशियों की ओर से लगाए गए आरोपों और प्रशासन के जवाब के बीच मतगणना की पारदर्शिता का मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।

 कांग्रेस प्रत्याशी संजय कुमार भी धरने पर बैठे

पटना के मतगणना केंद्र पर कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. संजय कुमार भी सीसीटीवी कैमरे नहीं होने के आरोप को लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी की तरह मतगणना केंद्र की व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिना सीसीटीवी कैमरों के मतों की गिनती कराए जाने से पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े होते हैं।मतगणना के शुरुआती घंटों में ही अलग-अलग दलों के प्रत्याशियों की ओर से आपत्तियां सामने आने से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। इन शिकायतों के बीच प्रशासन ने निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया चलाने की बात कही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार सामग्री में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें संबंधित प्रत्याशियों के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

छपरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छपरा में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जानकारी दी। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के अनुसार, मतगणना केंद्र पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। केंद्र में प्रवेश करने वाले लोगों की तलाशी और सुरक्षा जांच के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया जा रहा है।प्रशासन ने प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों के मतगणना अभिकर्ताओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए हैं। इसका उद्देश्य मतगणना केंद्र पर भीड़ को नियंत्रित करना और प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना है। राज्य के विभिन्न मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।

बिहार की आठ सीटों पर किस पार्टी के कितने प्रत्याशी?

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर इस बार अलग-अलग राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी ने चार-चार सीटों पर प्रत्याशी खड़े किए हैं। वहीं, जन सुराज ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल सात सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।कांग्रेस ने आठ सीटों में से पांच पर अपने प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवारों के बीच भी मुकाबला है। इस वजह से चुनाव के परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों की निगाहें मतगणना पर टिकी हुई हैं। हालांकि, किस दल को कितनी सीटें मिलेंगी, इसका अंतिम आकलन आधिकारिक परिणाम सामने आने के बाद ही किया जा सकेगा।

पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह के बीच मुकाबला

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव की सबसे चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जनता दल यूनाइटेड ने नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है, जबकि जन सुराज की ओर से डॉ. अनुज सिंह चुनाव मैदान में हैं। अनंत सिंह के डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने के कारण इस सीट का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।इस मुकाबले में राष्ट्रीय जनता दल के दिलीप कुमार सहित अन्य राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा का विषय हैं। मतगणना के दौरान सामने आने वाले रुझानों और अंतिम परिणामों से ही यह स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस प्रत्याशी पर भरोसा जताया है। इस सीट का परिणाम केवल उम्मीदवारों की जीत-हार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मतदान में शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में अधिक भागीदारी

बिहार विधान परिषद की इन आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 82.85 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत 53.42 रहा। इन आंकड़ों से दोनों प्रकार के निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाताओं की भागीदारी का अंतर सामने आता है।इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक मतदाता अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रतिनिधियों का चयन करते हैं। निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर 2026 को समाप्त होने वाला है, इसलिए नई सदस्यता के लिए यह चुनाव महत्वपूर्ण है। मतगणना पूरी होने के बाद आठों सीटों पर नए परिणाम सामने आएंगे और बिहार विधान परिषद में दलों की स्थिति को लेकर तस्वीर स्पष्ट होगी।

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