लखनऊ ट्रिपल मर्डर: पैरों के बीच से निकली गोली:प्रत्यक्षदर्शी बोले- पिता ने लाठी मारकर पहले श्रषभ को छुड़ाया, फिर की फायरिंग
लखनऊ में शिवाजी तिवारी, भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु और बेटे सुयश की 26 अक्टूबर गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या करने वाला उनके मोहल्ले में रहने वाला ऋषभ शुक्ला था। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि ऋषभ शुक्ला के सिर पर खून सवार था। जिस वक्त वो फायरिंग कर रहा था, उस दौरान बीच बचाव करने कोई भी आता तो उस पर भी गोली चला देता। सुयश की शॉप में काम करने वाले मोहल्ले के जितेंद्र कश्यप बताते हैं कि मैंने रोकने का प्रयास किया तो आरोपी ऋषभ ने उस पर दो राउंड फायरिंग कर दी। गोली उसके पैर के बीच से होकर निकल गई। भगवान ने मुझे बचा लिया। मुझे भी नहीं समझ में आया कि उस पर कैसे खून सवार हो गया। जितेंद्र का कहते हैं कि हत्या के बाद ऋषभ गन और मैगजीन लेकर शवों के पास बैठा रहा। जिससे कोई करीब न आ सके। इससे पहले शिवाजी और सुयश ने ऋषभ को पकड़ लिया था, लेकिन बीच में ही ऋषभ के पिता ने उनपर लाठी से हमला कर दिया। इसके चलते उनकी पकड़ ढीली पड़ गई और मौका पाकर ऋषभ ने मैगजीन लोडकर फायरिंग कर दी। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए… गाली-गलौज से शुरू हुआ विवाद घटना के चश्मदीद जितेंद्र कश्यप ने बताया कि सुबह जब चबूतरे का काम शुरू हुआ। उसी दौरान गाड़ी हटाने की बात पर ऋषभ शुक्ला ने गाली दी। गाली देने से मना करने पर विवाद बढ़ गया। गाली गलौज सुनकर कई लोग बाहर आ गए। इसके बाद दोनों पक्ष एक दूसरे का वीडियो बनाने लगे। इस दौरान ऋषभ शुक्ला गन अपने पास रखे हुआ था। वो मारने के प्लान से ही निकला था। पिता ने सुयश के सिर पर डंडा मारा जितेंद्र के मुताबिक, बहस के दौरान ऋषभ ने अचानक गन निकाल ली। इस पर शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभु और बेटे सुयश ने उसे पकड़ लिया। इसी बीच ऋषभ के पिता राजेश शुक्ला ने सुयश के सिर पर डंडा मार दिया। इससे सुयश की पकड़ ढीली पड़ गई और ऋषभ छूट गया। इसके बाद ऋषभ ने फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, पहली गोली शिवाजी तिवारी, दूसरी शंभु और तीसरी सुयश को लगी। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। जितेंद्र ने बताया कि वह ऋषभ को रोकने के लिए आगे बढ़े तो आरोपी ने उन पर भी दो राउंड फायर किए। वह किसी तरह बचकर वहां से भागे। लाश के पास गन लेकर बैठा, किसी को आने नहीं दे रहा जितेंद्र ने बताया कि ऋषभ के सिर पर खून सवार था। वो जो भी बीच बचाव करने आ रहा था उसको गोली मार दे रहा था। ऋषभ ने जब तीनों को गोली मार दी इसके बाद वहीं पर लाश के पास गन और मैगजीन लेकर बैठा रहा। वो मरने का इंतजार कर रहा था। किसी को पास नहीं जाने दे रहा था। पुलिस के आने के कुछ देर बाद वो शांत हुआ। जब पुलिस ने उसे समझाया। घटना के वक्त महौल एक खतरनाक हो गया था। पूरा मोहल्ला डर गया था। हमेशा से उग्र स्वभाव का था ऋषभ मोहल्ले के लोगों ने बताया कि ऋषभ हमेशा से उग्र स्वभाव का था। उसके परिवार की किसी से नहीं बनती है। पूरा परिवार आपराधिक प्रवृति का है, चाचा तो जिला बदर रह चुके हैं। घर के अंदर भी बड़े अजीब तरीके से रहते हैं। काफी गंदगी करके मकान को रखते हैं। मोहल्ले में कोई भी धार्मिक आयोजनों में शामिल नहीं होते थे। ………… ये खबर भी पढ़ें… लखनऊ में कार पार्किंग को लेकर पिता-बेटे, भाई की हत्या:पड़ोसी ने ताबड़तोड़ गोलियां मारीं; 5 दिसंबर को होनी थी बेटे की शादी
लखनऊ में दिनदहाड़े एक परिवार के 3 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इनमें पिता-बेटा और छोटे भाई शामिल हैं। वारदात सआदतगंज थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह 10:35 बजे हुई। नौबस्ता के ब्राह्मण टोला में रहने वाले शिवाजी तिवारी (62) सचिवालय के रिटायर्ड कर्मचारी थे। वह संघ के जिला सर कार्यवाह भी रह चुके हैं। उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभु लखनऊ यूनिवर्सिटी में काम करते थे। शिवाजी के बेटे सुयश (30) का बिजली के सामान का कारोबार था। 5 दिसंबर को उसकी शादी होनी थी। पढ़िए पूरी खबर…
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