भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज, कहा—सीजफायर पर व्यापार की कोई बात नहीं हुई

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 13 अप्रैल 2025 ।  भारत ने सोमवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिका की भूमिका व्यापारिक चेतावनी के जरिए रही। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "पाकिस्तान के साथ हालिया सैन्य तनाव के दौरान भारत और अमेरिका के बीच संपर्क बना रहा, लेकिन व्यापार से जुड़ा कोई मुद्दा इन चर्चाओं में नहीं उठा।"

भारत ने ट्रंप के दावे को किया खारिज, कहा—सीजफायर पर व्यापार की कोई बात नहीं हुई

दि राइजिंग न्यूज। नई दिल्ली। 13 अप्रैल 2025 । 

भारत ने सोमवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम में अमेरिका की भूमिका व्यापारिक चेतावनी के जरिए रही।

विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा,
"पाकिस्तान के साथ हालिया सैन्य तनाव के दौरान भारत और अमेरिका के बीच संपर्क बना रहा, लेकिन व्यापार से जुड़ा कोई मुद्दा इन चर्चाओं में नहीं उठा।"

MEA ने कहा कि 7 मई को शुरू हुए "ऑपरेशन सिंदूर" से लेकर 10 मई को सीजफायर पर सहमति बनने तक, दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच सैन्य हालात को लेकर संवाद चलता रहा, लेकिन किसी भी स्तर पर ट्रेड को लेकर चर्चा नहीं हुई।

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों को चेतावनी दी थी कि अगर वे युद्धविराम पर सहमत नहीं होते हैं तो अमेरिका उनके साथ व्यापार बंद कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसी चेतावनी के बाद दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई।

लेकिन MEA ने स्पष्ट किया कि सीजफायर के लिए पहल पाकिस्तान की ओर से की गई थी, और यह सैन्य कारणों से हुई थी — न कि किसी व्यापारिक दबाव के कारण।

MEA के मुताबिक,

"10 मई को दोपहर 12:37 बजे पाकिस्तानी उच्चायोग से भारतीय पक्ष को एक कॉल अनुरोध मिला। उसी दिन 3:35 बजे दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच हॉटलाइन पर वार्ता हुई, जिसमें सीजफायर की तारीख और समय तय हुआ।"

MEA ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने 10 मई की सुबह पाकिस्तान के वायुसेना ठिकानों पर निर्णायक हमला किया था, और उसी के बाद पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई रोकने को तैयार हुआ।

प्रवक्ता ने कहा,
"यह भारत की सैन्य शक्ति थी, जिसने पाकिस्तान को गोलीबारी रोकने पर मजबूर किया। अन्य देशों को भी यही स्पष्ट संदेश दिया गया था—हम जवाब देंगे, और अगर पाकिस्तान रुकता है तो हम भी रुक जाएंगे।"