नमाज विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: “जगह कम है तो क्या दिक्कत”, मुख्यमंत्री योगी के बयान से गरमाई राजनीति

उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश ने कहा कि अगर कहीं जगह कम है तो इसमें क्या दिक्कत है। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।

नमाज विवाद पर अखिलेश यादव का पलटवार: “जगह कम है तो क्या दिक्कत”, मुख्यमंत्री योगी के बयान से गरमाई राजनीति

दि राइजिंग न्यूज |  19 मई 2026

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अगर कहीं जगह कम है तो उसमें परेशानी की क्या बात है। साथ ही उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर धार्मिक मुद्दों के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया।

अखिलेश बोले- कानून सबके लिए है, राजनीति नहीं होनी चाहिए

अखिलेश यादव ने कहा कि सड़कों पर क्या होना चाहिए और क्या नहीं, इसके लिए पहले से नियम और कानून बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे को राजनीतिक फायदा लेने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी सभी धर्मों और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास करती है और समाज में भाईचारा बनाए रखना चाहती है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर देश में कोई सबसे ज्यादा अधर्म करने वाली पार्टी है तो वह भाजपा है। अखिलेश ने कहा कि धर्म और आस्था के नाम पर लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है, जबकि असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाया जा रहा है।

रामचरितमानस लेकर निकले लोगों पर लाठीचार्ज का उठाया मुद्दा

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने हाल ही में हुए अधिवक्ता संघ के प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोगों के हाथों में रामचरितमानस थी, इसके बावजूद उन पर लाठीचार्ज किया गया। अखिलेश ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा खुद को सनातन धर्म की सबसे बड़ी समर्थक बताती है, तो फिर धार्मिक ग्रंथ लेकर चलने वालों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति “वसुधैव कुटुंबकम” की भावना सिखाती है, जहां सभी को सम्मान और बराबरी का अधिकार मिलता है। सरकार को समाज में तनाव बढ़ाने की बजाय सौहार्द और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

सरकार के कामकाज पर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में न तो स्मार्ट सिटी योजना सफल हो पाई और न ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था टिक सकी। जनता की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं लेकिन सरकार धार्मिक मुद्दों में उलझकर अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता अब सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच का फर्क समझ चुकी है। बेरोजगारी, महंगाई और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार जवाब देने से बच रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने क्या कहा था

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 मई को एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उत्तर प्रदेश में सड़कों पर नमाज नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें आवागमन के लिए होती हैं और किसी को भी धार्मिक आयोजन के नाम पर रास्ता रोकने का अधिकार नहीं है। नमाज पढ़ने के लिए निर्धारित स्थान मौजूद हैं और लोगों को वहीं जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी जगह लोगों की संख्या ज्यादा है तो अलग-अलग समय में नमाज पढ़ी जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि संसाधन और जगह सीमित हैं, इसलिए जनसंख्या नियंत्रण पर भी गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।

“नियम नहीं मानेंगे तो सख्ती होगी” – योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि सरकार नमाज पढ़ने से नहीं रोक रही, लेकिन सार्वजनिक सड़कों पर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़कें मरीजों, कर्मचारियों, छात्रों और आम लोगों के लिए होती हैं, इसलिए यातायात बाधित करना गलत है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग समझाने से नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। योगी ने बरेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां लोगों ने सरकार की ताकत भी देख ली है। उनके अनुसार प्रदेश में हर व्यवस्था कानून और नियमों के तहत ही चलेगी।

प्रदेश की राजनीति में फिर गरमाया धार्मिक मुद्दा

नमाज और धार्मिक आयोजनों को लेकर दिया गया यह बयान अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक तरफ भाजपा इसे कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधा से जोड़कर देख रही है, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति बता रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसे मुद्दे आने वाले समय में और ज्यादा गरमा सकते हैं। फिलहाल मुख्यमंत्री योगी और अखिलेश यादव के बयानों के बाद प्रदेश का सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।