शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक की गोली मारकर हत्या
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य के दिग्गज भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चन्द्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है।
दि राइजिंग न्यूज । 7 मई 2026 ।
पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। राज्य के दिग्गज भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चन्द्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस घटना ने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। पीए का ड्राइवर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अपडेट...
- एक कार ने रास्ता रोका, पीछे से आए बाइक सवारों ने सटाकर सिर, पेट और छाती में गोली मारी
- पीछा करने वाली कार में सिलीगुड़ी की फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल
- लोगों ने चक्का जाम किया
- डीजीपी ने कहा, जांच शुरू
जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी के करीबी और उनके कार्यों की देखरेख करने वाले निजी सहायक को अज्ञात हमलावरों ने निशाना बनाया। हमला उस समय हुआ जब वे अपने दैनिक कार्यों के सिलसिले में बाहर थे। हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही या अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई।
घटना के तुरंत बाद हमलावर वहां से फरार होने में कामयाब रहे। स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है और इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुभेंदु अधिकारी एक बड़ा नाम हैं, ऐसे में उनके स्टाफ के सदस्य की हत्या के गहरे राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे "राजनीतिक हत्या" करार दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राज्य में विपक्षी नेताओं और उनके करीबियों को डराने-धमकाने और निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। शुभेंदु अधिकारी ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए पुलिस की भूमिका और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इन आरोपों को निराधार बताया है। पार्टी का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना या राजनीति करना गलत है।
यह घटना बंगाल में हिंसा की पुरानी कड़ियों को फिर से ताजा करती है। विशेष रूप से चुनाव के बाद की हिंसा या महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रमों के आसपास ऐसी घटनाएं राज्य में चिंता का विषय रही हैं।
पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर ली है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की तलाश जारी है। प्राथमिक दृष्टि में यह सुपारी किलिंग या किसी पुरानी रंजिश का मामला भी हो सकता है, लेकिन राजनीतिक एंगल को नकारा नहीं जा सकता।
इस घटना के बाद विपक्ष के अन्य नेताओं की सुरक्षा को लेकर भी मांग तेज हो गई है।
शुभेंदु अधिकारी के PA की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। भाजपा समर्थकों द्वारा विरोध प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राज्य विधानसभा से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक गूंज सकता है।
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के PA की यह हत्या न केवल एक प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति को और अधिक हिंसक और ध्रुवीकृत (polarized) कर सकती है। जांच रिपोर्ट के बाद ही इस हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और चेहरों का खुलासा हो पाएगा।