क्या WhatsApp पर लगेगा अमेरिका में बैन? नेताओं को हटाने का आदेश, बढ़ा साइबर हमले का खतरा
दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन डीसी। 24 जून, 2025 । अमेरिका में व्हाट्सएप को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्यों और अधिकारियों को अपने सरकारी डिवाइसेस से WhatsApp हटाने का आदेश दिया गया है। इसकी वजह है साइबर हमले और डेटा लीक का संभावित खतरा, जिससे संवेदनशील सरकारी जानकारियां उजागर हो सकती थीं।
दि राइजिंग न्यूज। वॉशिंगटन डीसी। 24 जून, 2025 ।
अमेरिका में व्हाट्सएप को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। US हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्यों और अधिकारियों को अपने सरकारी डिवाइसेस से WhatsApp हटाने का आदेश दिया गया है। इसकी वजह है साइबर हमले और डेटा लीक का संभावित खतरा, जिससे संवेदनशील सरकारी जानकारियां उजागर हो सकती थीं।
ऑफिशियल मेल के जरिए निर्देश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोमवार को एक आधिकारिक मेल भेजा गया, जिसमें निर्देश दिया गया कि सरकारी स्मार्टफोन, डेस्कटॉप, कंप्यूटर और वेब ब्राउज़र से WhatsApp को तत्काल हटा दिया जाए। यह मेल हाउस के चीफ एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के अंतर्गत काम करने वाली साइबर सिक्योरिटी यूनिट की ओर से भेजा गया था।
WhatsApp की जगह सुझाए गए ऐप्स
ऑर्डर में व्हाट्सएप की जगह Signal, Microsoft Teams, Wickr, Apple iMessage और FaceTime जैसे सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कर्मचारियों को फिशिंग हमलों और अनजान लिंक/मैसेजेस से सतर्क रहने की चेतावनी भी दी गई है।
Meta की प्रतिक्रिया
WhatsApp की पेरेंट कंपनी Meta Platforms ने अमेरिकी फैसले की आलोचना की है। मेटा ने कहा कि व्हाट्सएप दुनिया के सबसे सुरक्षित एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स में से एक है और कंपनी लगातार इसकी सुरक्षा को और बेहतर बना रही है।
डेटा सुरक्षा के लिए सख्त कदम
अमेरिकी प्रशासन को आशंका थी कि हैकर्स किसी नेता या अधिकारी के फोन को टारगेट कर सकते हैं, जिससे सरकारी डेटा में सेंध लग सकती है। इसी आशंका के चलते यह आदेश दिया गया, ताकि संभावित खतरे से पहले ही बचाव किया जा सके।
आम जनता पर असर नहीं
यह निर्देश सिर्फ सरकारी डिवाइसेस पर लागू है। आम नागरिकों के लिए WhatsApp के उपयोग पर फिलहाल कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है।