ईरान का बड़ा ऐलान: ट्रम्प और नेतन्याहू की हत्या करने वाले को 500 करोड़ का इनाम देने की तैयारी
ईरान की संसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वालों को 500 करोड़ रुपए से ज्यादा इनाम देने वाला बिल लाने की तैयारी में है। इस बीच ट्रम्प ने ईरान पर संभावित हमला फिलहाल टाल दिया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
दि राइजिंग न्यूज | 19 मई 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान से बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। ईरानी संसद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति को 500 करोड़ रुपए से ज्यादा इनाम देने संबंधी प्रस्ताव ला सकती है। इस खबर के सामने आते ही पूरी दुनिया में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।
संसद में पेश हो सकता है बड़ा बिल
ब्रिटेन के प्रतिष्ठित समाचार पत्र ‘द टेलीग्राफ’ की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति इस प्रस्ताव पर तेजी से काम कर रही है। समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने बताया कि “इस्लामिक गणराज्य की सैन्य और सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई” नाम से एक विशेष विधेयक तैयार किया जा रहा है। इस विधेयक का उद्देश्य उन लोगों को सम्मान और आर्थिक इनाम देना बताया जा रहा है, जो ईरान के दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने भी इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संसद जल्द ही इस प्रस्ताव पर मतदान कर सकती है। उनके अनुसार, ट्रम्प और नेतन्याहू को “जहन्नुम पहुंचाने” वालों को भारी आर्थिक पुरस्कार देने का प्रावधान रखा जाएगा। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।
खामेनेई समेत कई नेताओं की मौत के बाद भड़का गुस्सा
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत के बाद ईरान के भीतर भारी गुस्सा है। ईरानी नेतृत्व का आरोप है कि इन हमलों के पीछे अमेरिका और इजराइल की संयुक्त रणनीति रही है। इसी वजह से अब ईरान खुलकर जवाबी कार्रवाई की बात कर रहा है। ईरान का कहना है कि फरवरी महीने में हुए संयुक्त अमेरिकी-इजराइली हमलों के लिए डोनाल्ड ट्रम्प, बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी केंद्रीय कमान के एडमिरल ब्रैड कूपर सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इन हमलों ने क्षेत्र की शांति को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
ट्रम्प ने फिलहाल टाला ईरान पर हमला
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला संभावित हमला फिलहाल रोक दिया है। ट्रम्प के अनुसार, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ समय मांगा था। इसी वजह से हमला टालने का फैसला लिया गया। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिए कि अगर बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका आगे कड़ा कदम उठा सकता है। हालांकि अभी अमेरिका की ओर से किसी आधिकारिक सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद पूरी दुनिया की नजरें अब अमेरिका, ईरान और इजराइल के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।
ईरान बोला- बातचीत करेंगे लेकिन झुकेंगे नहीं
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने भी इस पूरे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं होता। ईरान अपनी संप्रभुता, सम्मान और कानूनी अधिकारों से किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। उनके बयान से साफ संकेत मिले हैं कि ईरान दबाव में आने वाला नहीं है। पजशकियान ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान हमेशा सम्मान और ताकत के साथ बातचीत करता है। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता के अधिकारों की रक्षा करना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनका देश अंत तक अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करेगा।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है बड़ा संकट
ईरान वास्तव में ऐसा विधेयक पारित करता है तो इससे मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा विस्फोटक हो सकते हैं। अमेरिका और इजराइल इस कदम को सीधी धमकी मान सकते हैं। वहीं ईरान समर्थक गुट इसे “जवाबी न्याय” के रूप में पेश कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे ने चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र समेत कई वैश्विक संगठन क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर पहले ही चिंता जता चुके हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में दुनिया एक बड़े सैन्य टकराव की ओर बढ़ सकती है।