अमिताभ ठाकुर के कथित उत्पीड़न पर प्रशासन की जांच रिपोर्ट:देवरिया में नूतन ठाकुर ने दस्तावेजों की जांच न होने का लगाया आरोप
देवरिया जिला प्रशासन ने अमिताभ ठाकुर के जेल में कथित उत्पीड़न आरोपों को खारिज किया। यह रिपोर्ट नूतन ठाकुर की शिकायत पर शासन को भेजी गई। प्रशासन ने बताया कि 10 दिसंबर 2025 को देवरिया कोर्ट में अमिताभ ठाकुर की पेशी के दौरान लोग जमा थे। पुलिस ने सुरक्षा के लिए कदम उठाए। जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। प्रशासन ने नूतन ठाकुर को विवेचक से संपर्क करने की सलाह दी। नूतन ठाकुर ने 29 सितंबर को मंडलायुक्त को आपत्ति भेजकर संबंधित आईजीआरएस प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की। नूतन ठाकुर ने 1999 के औद्योगिक भूखंड विवाद का भी जिक्र किया। मुख्य राजस्व अधिकारी की समिति ने 19 जनवरी 2020 की रिपोर्ट में लिपिकीय गलतियां बताईं। उन्होंने लखनऊ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 19 मई 2019 के आदेश का हवाला दिया। नूतन ठाकुर ने अपनी आईजीआरएस शिकायत संख्या 60000260226377 के निस्तारण पर आपत्ति जताई। मूल शिकायत की स्वतंत्र जांच की मांग आरोप है कि जांच रिपोर्ट में उनके दिए दस्तावेजों और तथ्यों की जांच नहीं हुई, इसलिए उन्होंने आईजीआरएस प्रभारी पर कार्रवाई और मूल शिकायत की स्वतंत्र जांच की मांग की। अमिताभ ठाकुर के जेल में उत्पीड़न के आरोप प्रशासन ने खारिज किए आईजीआरएस निस्तारण पर नूतन ठाकुर की आपत्ति; शासन को भेजी जांच रिपोर्ट, विवेचक को 169 पन्नों के दस्तावेज सौंपे देवरिया जिला कारागार में निरुद्ध रहने के दौरान पूर्व आईपीएस अधिकारी और अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर के साथ कथित उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के आरोपों को जिला प्रशासन ने खारिज कर दिया है। नूतन ठाकुर की शिकायत पर शासन को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रशासन ने कहा है कि 10 दिसंबर 2025 को देवरिया न्यायालय में अमिताभ ठाकुर की पेशी के दौरान बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने आवश्यक एहतियाती कदम उठाए थे। जांच में पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। विवेचक से संपर्क करने की सलाह प्रशासन ने नूतन ठाकुर को मामले में अनुतोष के लिए विवेचक से संपर्क करने की सलाह दी है। इसके बाद नूतन ठाकुर ने 29 सितंबर को मंडलायुक्त को आपत्ति भेजकर संबंधित आईजीआरएस प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नूतन ठाकुर का दावा है कि दोनों की ओर से 3,800 से अधिक शिकायतें की गई हैं। उन्होंने इन शिकायतों का मूल आईजीआरएस रिकॉर्ड से सत्यापन कराने का अनुरोध किया है। नूतन ठाकुर ने वर्ष 1999 में आवंटित औद्योगिक भूखंड से जुड़े विवाद का भी उल्लेख किया है। 9 मई 2019 के आदेश का भी हवाला उनके अनुसार, मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच समिति ने 19 जनवरी 2020 की रिपोर्ट में धांधली के बजाय लिपिकीय त्रुटियों का उल्लेख किया था। उन्होंने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, लखनऊ के 19 मई 2019 के आदेश का भी हवाला दिया है। इस मामले में सितंबर 2025 में लखनऊ के तालकटोरा थाने में अमिताभ ठाकुर, नूतन ठाकुर और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बाद में मामले का देवरिया से संबंध सामने आने पर सदर कोतवाली में भी केस दर्ज किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। महत्वपूर्ण अभिलेख और तथ्य उपलब्ध कराए नूतन ठाकुर ने देवरिया में अपनी आईजीआरएस शिकायत संख्या 60000260226377 के निस्तारण को लेकर मंडलायुक्त, गोरखपुर को शिकायत भेजी है। उनका आरोप है कि उन्होंने प्लाट आवंटन से जुड़े मुकदमे की विवेचना के संबंध में महत्वपूर्ण अभिलेख और तथ्य उपलब्ध कराए थे, लेकिन जांच आख्या में उन बिंदुओं का परीक्षण नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजीआरएस शिकायत का निस्तारण असंबंधित आख्या के आधार पर किया गया। न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा नूतन ठाकुर ने संबंधित आईजीआरएस प्रभारी की जिम्मेदारी तय करने और मूल शिकायत की स्वतंत्र एवं बिंदुवार जांच कराने की मांग की है। अमिताभ ठाकुर को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार कर देवरिया लाया गया था और न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजा गया था। जनवरी 2026 में उन्हें देवरिया की जिला अदालत से जमानत मिली थी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)