आनंद मोहन के बयान से बिहार की राजनीति में भूचाल, करोड़ों में टिकट और मंत्री पद बेचने का लगाया आरोप
पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह के वायरल वीडियो ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने जनता दल यूनाइटेड पर करोड़ों रुपये लेकर टिकट और मंत्री पद बांटने का गंभीर आरोप लगाया है।
दि राइजिंग न्यूज | 19 मई 2026
बिहार की सियासत में फिर गरमाया राजनीतिक माहौल
बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े विवाद और आरोपों के कारण चर्चा में आ गई है। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन सिंह के एक वायरल वीडियो ने पूरे प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। वीडियो में आनंद मोहन जनता दल यूनाइटेड के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान करोड़ों रुपये लेकर चुनावी टिकट बांटे गए और बाद में मंत्री पद देने के लिए भी बड़े स्तर पर धन लिया गया। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई सियासी गर्मी
शिवहर और सीतामढ़ी क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा यह वीडियो तेजी से सामाजिक माध्यमों पर फैल रहा है। वीडियो में आनंद मोहन बेहद नाराज और आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें सत्ता के लालच में डूबा हुआ बताया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस वीडियो ने जनता दल यूनाइटेड के अंदर चल रही अंदरूनी नाराजगी को खुलकर सामने ला दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
टिकट और मंत्री पद बेचने का गंभीर आरोप
आनंद मोहन ने अपने बयान में कहा कि बिहार की राजनीति अब सिद्धांतों से नहीं बल्कि धनबल से चल रही है। उनके अनुसार विधानसभा चुनाव में करोड़ों रुपये लेकर टिकट दिए गए और बाद में मंत्री पद बांटने में भी पैसों का खेल हुआ। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने पूरी व्यवस्था को व्यापार में बदल दिया है। उनके इन आरोपों ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोलने लगे हैं।
निशांत कुमार को लेकर भी उठाए सवाल
वायरल वीडियो में आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इसलिए दिया गया क्योंकि पिता और पुत्र दोनों को चिकित्सक की आवश्यकता है। इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में विवाद और बढ़ गया है। जनता दल यूनाइटेड समर्थकों ने इसे मर्यादा के खिलाफ बताया है, जबकि विरोधी दल इस बयान को पार्टी के अंदरूनी संघर्ष का संकेत मान रहे हैं।
‘चंडाल चौकड़ी’ शब्द से बढ़ा विवाद
आनंद मोहन ने जनता दल यूनाइटेड के कुछ नेताओं को ‘चंडाल चौकड़ी’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कुछ लोग मुख्यमंत्री के नाम का उपयोग कर अपने निजी हित साध रहे हैं। उनके अनुसार यही लोग पार्टी की छवि खराब कर रहे हैं और पुराने नेताओं को किनारे लगाने का काम कर रहे हैं। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है तथा पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चा तेज हो गई है।
नीतीश कुमार के खिलाफ साजिश का दावा
आनंद मोहन ने अपने भाषण में यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ लगातार साजिशें रची जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग पिछड़े वर्ग की राजनीति को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार बिहार में सत्ता परिवर्तन भी एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा था। आनंद मोहन ने कहा कि नीतीश कुमार पहले कई बार मुश्किल हालात से बाहर निकल चुके हैं, लेकिन इस बार पार्टी के भीतर ही हालात बदलते दिखाई दे रहे हैं।
बेटे चेतन आनंद को मंत्री पद न मिलने से नाराजगी की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आनंद मोहन अपने विधायक पुत्र चेतन आनंद को मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज हैं। चेतन आनंद बिहार विधानसभा में विधायक हैं और लंबे समय से उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही थी। हालांकि, हालिया विस्तार में उन्हें जगह नहीं मिली। इसके बाद से आनंद मोहन की नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके बयानों के पीछे यह कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
परिवार की भूमिका का भी किया जिक्र
आनंद मोहन ने अपने बयान में यह भी कहा कि उनकी पत्नी जनता दल यूनाइटेड से सांसद हैं और उनके परिवार ने सरकार बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके बावजूद उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब विचारधारा से हटकर केवल धन और शक्ति के आधार पर चल रही है। उनके इस बयान ने पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष को और अधिक उजागर कर दिया है।
जनता दल यूनाइटेड की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
इतने गंभीर आरोपों के बावजूद जनता दल यूनाइटेड की ओर से अभी तक कोई बड़ा बयान सामने नहीं आया है। पार्टी नेताओं की चुप्पी को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। विपक्षी दल लगातार सरकार और पार्टी नेतृत्व पर हमला बोल रहे हैं तथा मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह विवाद बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
बिहार की राजनीति में बढ़ सकती है नई हलचल
आनंद मोहन के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पार्टी नेतृत्व जल्द स्थिति स्पष्ट नहीं करता, तो इसका असर आगामी चुनावों पर भी पड़ सकता है। जनता दल यूनाइटेड के भीतर असंतोष और गुटबाजी की चर्चा पहले से होती रही है, लेकिन अब यह मामला सार्वजनिक रूप से सामने आने के कारण और गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर और बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।