खाद माफियाओं पर सरकार का बड़ा प्रहार, बिहार में 29 एफआईआर, 208 लाइसेंस रद्द
बिहार सरकार ने खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक कीमत पर बिक्री करने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। अब तक 29 उर्वरक दुकानों पर एफआईआर दर्ज की गई है और 208 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। सरकार का दावा है कि राज्य में किसानों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और किसी प्रकार की कमी नहीं है।
दि राइजिंग न्यूज़। पटना। 06 जून 2026
खरीफ सीजन से पहले बढ़ी किसानों की चिंता
बिहार में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। किसान धान की नर्सरी तैयार करने के साथ-साथ खेतों के लिए आवश्यक उर्वरकों का भी इंतजाम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण खाद की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। इसी वजह से कई किसान पहले से उर्वरक खरीदकर सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है और सभी जिलों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
जरूरत से ज्यादा उपलब्ध है खाद का भंडार
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि 30 जून तक राज्य को लगभग 2.40 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 1 लाख मीट्रिक टन डीएपी, 1.25 लाख मीट्रिक टन एनपीके और 0.55 लाख मीट्रिक टन एसएसपी की आवश्यकता है।
इसके मुकाबले 3 जून 2026 तक राज्य में:
- 3.76 लाख मीट्रिक टन यूरिया
- 1.54 लाख मीट्रिक टन डीएपी
- 2.38 लाख मीट्रिक टन एनपीके
- 1.17 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का भंडार उपलब्ध है।
सरकार का कहना है कि उपलब्ध स्टॉक किसानों की वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
कालाबाजारी पर सरकार का सख्त एक्शन
कृषि मंत्री ने बताया कि उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
अब तक:
- 29 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर एफआईआर दर्ज
- 208 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द
- सैकड़ों दुकानों का निरीक्षण
- दर्जनों दुकानदारों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं।
- सरकार ने चेतावनी दी है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी को बख्शा नहीं जाएगा।
कई जिलों में मिलीं बड़ी अनियमितताएं
निरीक्षण अभियान के दौरान कई जिलों में खाद दुकानों पर गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं।
पूर्वी चंपारण
- 323 दुकानों की जांच
- 18 दुकानों में अनियमितता
- 8 एफआईआर दर्ज
- 5 लाइसेंस रद्द
पश्चिम चंपारण
- 343 दुकानों की जांच
- 25 दुकानों में गड़बड़ी
- 1 एफआईआर
- 3 लाइसेंस रद्द
सीतामढ़ी
- 590 दुकानों का निरीक्षण
- 46 दुकानों में अनियमितता
- 2 एफआईआर
- 7 लाइसेंस रद्द
सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी
नेपाल सीमा से सटे जिलों में खाद की अवैध निकासी रोकने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है।
सरकार के अनुसार:
- 7 सीमावर्ती जिलों में 2,573 दुकानों की जांच
- 275 दुकानों में अनियमितताएं मिलीं
- 19 एफआईआर दर्ज
- 123 लाइसेंस रद्द
- 85 दुकानदारों से स्पष्टीकरण मांगा गया
फ्लाइंग स्कॉड टीम लगातार कर रही कार्रवाई
कृषि विभाग की फ्लाइंग स्कॉड टीम राज्यभर में सक्रिय है। शिकायत मिलने पर तत्काल जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के साथ समन्वय स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय सीमा से खाद की अवैध तस्करी और निकासी पर भी नजर रखी जा रही है।
किसानों को जागरूक करने पर भी जोर
सरकार किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने का अभियान भी चला रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आवश्यकता से अधिक उर्वरक प्रयोग करने से उत्पादन लागत बढ़ती है और मिट्टी की उर्वरता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।