अयोध्या के मानस भवन में गूंज रही श्रीमद्भागवत कथा:जयपुर के भक्त हो रहे आनंद मगन,भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार भी पहुंचे
अयोध्या के मानस भवन में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा का भव्य आयोजन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हो रहा है। बूंदी, राजस्थान से पधारे भागवत पंडित शिवलहरी गौतम श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान करा रहे हैं। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, धर्म, सत्य और मानव जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों के महत्व का सुंदर वर्णन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मानस भवन पहुंच रहे हैं। कथा स्थल पर भक्तिमय वातावरण बना हुआ है और भगवान के जयकारों से पूरा परिसर गूंज रहा है। कथा में रमेश, प्रेम शंकर, दिनेश कुमार नुवाल, थानमल, महावीर, शिव कुमार तोतला, जयप्रकाश, शुभकरण, बृजमोहन, मदनलाल, रमेश कुमार शर्मा, लक्ष्मण सिंह, बृजेंद्र सिंह, नंद, भंवर सिंह, भेरू प्रकाश, लखोटिया, देवकीनंदन बांगड़ सहित सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। इस अवसर पर कथा के मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व सांसद एवं राष्ट्रीय नेता विनय कटियार रहे। उन्होंने अयोध्या की आध्यात्मिक और धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए रामकथा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि अयोध्या केवल एक धार्मिक नगरी नहीं, बल्कि भारत की सनातन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। यहां रामकथा का श्रवण करना स्वयं में एक सौभाग्य है। कार्यक्रम में विनय कटियार के पुत्र अनुज कटियार, आचार्य ज्ञान प्रकाश दुबे, डॉ. मांडवी दुबे सहित अनेक गणमान्य लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।इन सभी का आयोजक मंडल ने पारंपरिक टोपी पहनाकर स्वागत किया। श्रीमद्भागवत महापुराण को सनातन परंपरा में भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्भुत संगम माना गया है। भागवत कथा मनुष्य को जीवन के वास्तविक उद्देश्य का बोध कराती है और भगवान के प्रति प्रेम, समर्पण तथा सदाचार का मार्ग दिखाती है। कथा श्रवण से मन को शांति मिलती है और सांसारिक चिंताओं के बीच आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। अयोध्या जैसे पवित्र धाम में भागवत कथा का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अवसर है। भगवान श्रीराम की नगरी में श्रीकृष्ण की भक्ति और भागवत की अमृतवाणी का संगम भक्तों के मन में श्रद्धा और आनंद का संचार कर रहा है।
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