भारत का पहला CPV सन सिम्युलेटर बनाएगा IIT कानपुर:सस्टेनेबल एनर्जी डिपार्टमेंट करेगा नेतृत्व, कंपनी के साथ एमओयू हुआ

Sep 30, 2026 - 17:46
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भारत का पहला CPV सन सिम्युलेटर बनाएगा IIT कानपुर:सस्टेनेबल एनर्जी डिपार्टमेंट करेगा नेतृत्व, कंपनी के साथ एमओयू हुआ
आईआईटी कानपुर भारत का पहला कंसंट्रेटेड फोटोवोल्टिक (सीपीवी) सन सिम्युलेटर विकसित करेगा। इसके लिए संस्थान ने बेंगलुरु की नेक्सपीवी एनर्जी सिस्टम के साथ एमओयू किया है। यह समझौता आईआईटी कानपुर के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी पार्क फाउंडेशन की सदस्य कंपनी इनवैरिएंश ऑटोमेशन की मदद से हुआ है। नई सुविधा से सीपीवी मॉड्यूल की अंतिम चरण में जांच और उसकी क्षमता का आकलन देश में ही किया जा सकेगा। अभी भारत में इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है। परियोजना का नेतृत्व आईआईटी कानपुर के सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर आशीष गर्ग और उनकी टीम कर रही है। इसका उद्देश्य सौर ऊर्जा की नई तकनीक को प्रयोगशाला से निकालकर बड़े स्तर के उत्पादन तक पहुंचाने के लिए जरूरी परीक्षण सुविधा तैयार करना है। सूरज की रोशनी को छोटी सेल पर केंद्रित करता है CPV सीपीवी तकनीक सामान्य सोलर पैनल से अलग है। इसमें लेंस की मदद से सूर्य की रोशनी को छोटे आकार की ज्यादा क्षमता वाली सोलर सेल पर केंद्रित किया जाता है। इन सेल में अर्धचालक की कई परतें होती हैं, जो सूर्य की रोशनी के अलग-अलग हिस्सों से ऊर्जा प्राप्त करती हैं। CPV में सेल पैनल के करीब 0.1 फीसदी हिस्से में होते हैं। इससे सेल के लिए जरूरी जगह सामान्य सोलर पैनल की तुलना में करीब 99 फीसदी तक कम हो जाती है। सामान्य सन सिम्युलेटर से अलग होगी तकनीक मौजूदा सन सिम्युलेटर सामान्य सोलर पैनलों की जांच के लिए बनाए गए हैं। सीपीवी मॉड्यूल को केवल सीधी और समानांतर सूर्य की रोशनी की जरूरत होती है। इसमें रोशनी के आने की दिशा और उसके अलग-अलग हिस्सों का सही अनुपात बनाए रखना जरूरी होता है। IIT कानपुर की टीम ऐसा सिम्युलेटर तैयार करेगी, जो इन परिस्थितियों को कृत्रिम रूप से सटीक तरीके से तैयार कर सके। 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य के लिए जरुरी प्रोफेसर आशीष गर्ग ने कहा कि भारत के 2070 तक नेट-जीरो लक्ष्य को हासिल करने के लिए सौर ऊर्जा का बड़े स्तर पर इस्तेमाल जरूरी है। इसके लिए देश में सौर ऊर्जा से जुड़ी तकनीक के साथ-साथ उनकी जांच और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की क्षमता भी विकसित करनी होगी। CPV सिम्युलेटर इसी दिशा में एक कदम है। कम जगह में अधिक क्षमता नेक्सपीवी एनर्जी सिस्टम के निदेशक चिदानंद मूर्ति आर. के अनुसार, देश में सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 168 गीगावाट से अधिक हो चुकी है, लेकिन सोलर सेल का उत्पादन मॉड्यूल की तुलना में कम है। ऐसे में CPV तकनीक कम जगह में अधिक क्षमता हासिल करने का विकल्प दे सकती है। देश में ही सिम्युलेटर उपलब्ध होने से CPV मॉड्यूल के बड़े स्तर पर उत्पादन से पहले उनकी गुणवत्ता और क्षमता की जांच की जा सकेगी।

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