रामपुर में बेमौसम बारिश से धान की फसल खराब:किसान सड़क पर कर रहे थ्रेसिंग, 70 प्रतिशत नुकसान का दावा; मुआवजे की मांग
रामपुर में सदर तहसील के मढ़ौली गांव के जंगल में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे किसान चार दिन पहले हुई बेमौसम बारिश से खराब हुई धान की फसल को बचाने की जद्दोजहद करते नजर आए। खेतों में पानी भरा होने के कारण महिला और पुरुष किसान पकी धान की फसल को खेत से बाहर निकालकर सड़क किनारे थ्रेसिंग करते दिखाई दिए। किसानों का कहना है कि खेतों में पानी भरा होने से फसल को घर तक ले जाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में किसी तरह फसल को खेत से बाहर निकालकर सड़क पर ही थ्रेसिंग की जा रही है।
महिला किसान द्रोपती ने बताया कि उनके पास बहुत कम जमीन है। जितनी जमीन है, उसमें करीब 70 फीसदी धान की फसल खराब हो चुकी है। जो फसल बची है, उसे सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बताया कि पके धान के ऊपर कई दिनों से पानी भरा होने के कारण दाने दोबारा अंकुरित होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इससे बची हुई फसल को भी नुकसान होने की चिंता बनी हुई है।
द्रोपती ने बताया कि मौसम अब कुछ बेहतर हुआ है, इसलिए पानी भरे खेत से धान निकालकर उसे सुखाने की कोशिश की जा रही है। किसानों को उम्मीद है कि जितनी फसल बचाई जा सकती है, उसे बचा लिया जाए, लेकिन खेतों की स्थिति को देखते हुए यह प्रयास कितना सफल होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से खराब हुई धान की फसल का नुकसान आकलन कराकर मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का कहना है कि बारिश से हुए नुकसान के बाद आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। मुआवजा मिलने से उन्हें राहत मिल सकेगी और अगली गेहूं की फसल की तैयारी में मदद मिलेगी।
उधर, एसडीएम सदर ने बताया कि कानूनगो, तहसीलदार और नायब तहसीलदार खेत-खेत जाकर किसानों से बातचीत कर रहे हैं। फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट के आधार पर किसानों को जल्द लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि वे अगली गेहूं की फसल की बुवाई कर सकें।
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