भदोही जिला अस्पताल में प्रसूता-नवजात से मिलने पहुंचे डीएम:5 ग्राम हीमोग्लोबिन वाली गर्भवती को रेफर किया था, अस्पताल गेट पर शुरू हुआ प्रसव
भदोही के महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में प्रसूता के प्रसव से जुड़े प्रकरण के बाद जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने गुरुवार रात 10 बजे अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती गर्भवती महिला और नवजात शिशु के स्वास्थ्य की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ पाए गए। डीएम ने प्रसूता और उनके परिजनों से मुलाकात कर स्वास्थ्य स्थिति के साथ अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। प्रशासन के अनुसार गर्भवती रानी, उम्र करीब 20 वर्ष, का हीमोग्लोबिन 5 ग्राम पाया गया था। इसके चलते उन्हें एक दिन पहले उच्च चिकित्सा संस्थान मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। 29 सितंबर को शाम करीब 8:30 बजे परिजन उन्हें प्रसव के लिए दोबारा जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। अस्पताल स्टाफ ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें फिर उच्च चिकित्सा संस्थान के लिए रेफर किया। अस्पताल गेट के पास शुरू हुआ प्रसव प्रशासन के मुताबिक रेफर किए जाने के बाद परिवारीजन वाहन की प्रतीक्षा किए बिना गर्भवती महिला को लेकर पैदल अस्पताल परिसर से बाहर जाने लगे। इसी दौरान अस्पताल के मुख्य गेट के समीप ही प्रसव शुरू हो गया। मामले की जानकारी मिलते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी करीब 8:45 बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवारीजनों को रोककर प्रसूता को दोबारा जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय निगरानी में भर्ती कराया और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। डीएम ने मरीजों को समय पर इलाज देने के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने चिकित्साधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को उसकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार समयबद्ध और समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के उपचार में किसी तरह की लापरवाही न हो। उन्होंने रेफर किए जाने वाले मरीजों के संबंध में आवश्यक समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई का दावा प्रशासन की ओर से बताया गया कि प्रकरण में उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए संबंधित दोषियों को चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर चिकित्सा सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ, चिकित्सकीय निगरानी में वर्तमान में प्रसूता रानी और उनका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं। दोनों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। जिला प्रशासन की ओर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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