बीएचयू में एबीवीपी ने निकाली प्रशासन की शव यात्रा:8वें दिन भी धरना जारी, सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का मुक्की
काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। केंद्रीय कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन का प्रतीकात्मक शव बनाया और उसे लेकर केंद्रीय कार्यालय के गेट तक पहुंचे। इस दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए बीएचयू प्रशासन ने केंद्रीय कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। इसके साथ ही केंद्रीय कार्यालय के गेट के बाहर पीएसी के जवान भी लगाए गए थे। देखें 2 तस्वीर सुरक्षाकर्मियों से हुई धक्का-मुक्की शव यात्रा के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विश्वविद्यालय के सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। छात्रों ने प्रतीकात्मक शव को केंद्रीय कार्यालय के गेट तक ले जाने की कोशिश की। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी शव को गेट तक ले जाने में सफल रहे। इसके बाद छात्रों ने वहीं खड़े होकर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय का सुरक्षा तंत्र मजबूत नहीं है। छात्रों ने चीफ प्रॉक्टर पर भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ अलग-अलग कमेटियां गठित कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर पिछले आठ दिनों से धरना चल रहा है, लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उनकी किसी भी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। कुलपति को पहले ही दे चुके हैं मांगपत्र एबीवीपी के इकाई अध्यक्ष पल्लव ने कहा कि छात्रों ने धरना शुरू करने से पहले ही अपनी मांगों को लेकर कुलपति को पत्र दिया था। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह भी बताया गया था कि यदि मांगों का समाधान नहीं किया गया तो छात्र आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों ने प्रशासन को पर्याप्त समय दिया, लेकिन मांगें पूरी नहीं हुईं। पल्लव ने कहा कि अब विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी धरनास्थल पर आकर छात्रों से दोबारा मांगपत्र मांग रहे हैं। छात्रों का कहना है कि मांगपत्र पहले ही कुलपति को सौंपा जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों की समस्याओं को सुनने के बजाय आंदोलन समाप्त कराने की कोशिश कर रहा है। ‘30 दिन या 45 दिन, मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना’ प्रदर्शनकारी छात्र पुनीत मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के लिए नहीं आ रहे हैं। इसके बजाय किसी तरह छात्रों को समझाकर धरना खत्म कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। धरना 30 दिन चले या 45 दिन, जब तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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