बलरामपुर में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर:16 गांवों में आवागमन प्रभावित, नावों की व्यवस्था
बलरामपुर में बीते दिनों हुई अतिवृष्टि और राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन लगातार अलर्ट मोड पर है।डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में राजस्व, बाढ़, पुलिस, विद्युत, लोक निर्माण, कृषि समेत संबंधित विभागों की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर राहत, पुनर्बहाली और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने में जुटी हैं। बुधवार शाम 6 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.750 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 0.130 मीटर (13 सेंटीमीटर) ऊपर रहा। हालांकि, बीती रात नदी का जलस्तर 104.880 मीटर तक पहुंचने के बाद अब इसमें लगातार कमी दर्ज की जा रही है। नदी का मौजूदा ट्रेंड फॉलिंग है। कुल आठ लोगों की दुखद मृत्यु 24 से 26 सितंबर 2026 के बीच आंधी, बारिश और अतिवृष्टि से जनपद में कुल आठ लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। इनमें सदर तहसील के चार, तुलसीपुर के एक और उतरौला तहसील के तीन लोग शामिल हैं। मृतकों के परिजनों/वैध वारिसों को राहत पोर्टल के माध्यम से अनुमन्य आपदा सहायता राशि के भुगतान की प्रक्रिया जारी है। अतिवृष्टि और तेज हवाओं से विद्युत व्यवस्था को व्यापक नुकसान पहुंचा है। विद्युत विभाग की टीमें लगातार युद्धस्तर पर रिस्टोरेशन कार्य में लगी हैं। अब तक 70 फीडरों को री-स्टोर किया जा चुका है, जबकि 20 फीडरों की बहाली का कार्य जारी है। तेज हवाओं और अतिवृष्टि के चलते लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर 211 पेड़ गिर गए थे। विभागीय टीमों ने इन्हें हटाकर आवागमन सुचारु करा दिया है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की मरम्मत का कार्य भी जारी है। फसलों को हुई क्षति का आकलन करने के लिए बलरामपुर, तुलसीपुर और उतरौला तहसीलों में कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें सर्वे कर रही हैं। 16 गांवों में आवागमन प्रभावित सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। राप्ती नदी और नेपाली पहाड़ी नालों से आए पानी के कारण तीनों तहसीलों के 16 गांवों में आवागमन प्रभावित है। बलरामपुर तहसील के 10 गांव—झौंहना, जबदही, कोड़री, गंगाबक्श भागड़, दतरंगवा, भुसैलवा, सेमरहना, टेंगनहिया मानकोट, खजुरिया और नन्दनगर प्रभावित हैं। तुलसीपुर तहसील के बुड़न्तपुर, किदुरी, कटैया भारी और बरहना मजरा हरहटा तथा उतरौला तहसील के मटियरिया करमा और मस्जिदिया के बाहर जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है।प्रभावित गांवों में लोगों का आवागमन सुचारु रखने के लिए आवश्यकता के अनुसार नावों की व्यवस्था की गई है। 10 गांवों में बड़ी नावों का संचालन किया जा रहा है। डीएम के निर्देशन में प्रशासनिक एवं विभागीय टीमें संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। खतरे के निशान से ऊपर राप्ती नदी के जलस्तर की निगरानी के साथ प्रभावित गांवों में राहत, बिजली व्यवस्था की बहाली, मार्गों की मरम्मत और अन्य आवश्यक सेवाओं को सामान्य करने का काम लगातार जारी है। नदी का जलस्तर फिलहाल घटने के बावजूद खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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