कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी को पीएम मोदी ने किया सलाम
फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित अपहरण की कोशिश के दौरान घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित माछर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों को स्थिति संभालने का मौका मिला। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी दुर्घटना टली।
दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 1 अक्टूबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लाईदुबई की उड़ान में कथित अपहरण की कोशिश के दौरान बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की सराहना की है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने बेहद खतरनाक परिस्थितियों में साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया। उनके मुताबिक, इस बहादुरी से विमान में सवार सैकड़ों यात्रियों की जान बचाने और बड़ी दुर्घटना टालने में मदद मिली।
कॉकपिट में हुआ था कथित हमला
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के कॉकपिट में कथित तौर पर गंभीर घटना हुई। रिपोर्टों के अनुसार, एक पायलट ने विमान को अपने नियंत्रण में लेने और उसे दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। इस दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच झड़प हुई और कैप्टन स्मित माछर पर चाकू से हमला किया गया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल होने के बावजूद यात्रियों की मदद की
घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों को अंदर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का अवसर मिला। यात्रियों ने कथित तौर पर दूसरे पायलट को काबू में किया और विमान को सुरक्षित रखने में मदद की। घटना के बाद घायल कैप्टन माछर का उपचार किया गया और उनकी शल्य चिकित्सा भी होने की जानकारी सामने आई।
यात्रियों ने संभाली स्थिति
तेल अवीव पहुंचने के बाद विमान में सवार यात्रियों ने घटना की जानकारी इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को दी। यात्रियों के अनुसार, कैप्टन माछर द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलना बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। विमान में यात्री के रूप में सवार दो अन्य पायलटों ने बाद में विमान का नियंत्रण संभाला। इसके बाद विमान को सऊदी अरब की ओर मोड़कर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
पीएम मोदी ने बताया बहादुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस दिखाया। प्रधानमंत्री के अनुसार, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद माछर ने दूसरों की जान बचाने के लिए अपना कर्तव्य निभाया। उन्होंने कहा कि इस साहस से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी टल गई। प्रधानमंत्री ने कैप्टन माछर के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
2022 से फ्लाईदुबई में कैप्टन हैं माछर
कैप्टन स्मित माछर जून 2022 से फ्लाईदुबई के साथ कैप्टन के रूप में कार्य कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट में काम किया था। वहां उन्होंने वरिष्ठ कमांडर की जिम्मेदारी संभाली थी। उन्हें पायलटों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से जुड़े कार्यों का भी अनुभव बताया गया है।
पायलट प्रशिक्षण का भी अनुभव
स्मित माछर ने लाइन प्रशिक्षण कैप्टन के तौर पर भी जिम्मेदारी निभाई है। इस भूमिका में पायलटों को उड़ान संबंधी प्रशिक्षण देना, उनका मार्गदर्शन करना और उनकी क्षमता का आकलन करना शामिल होता है। विमानन क्षेत्र में लंबे अनुभव के कारण उन्हें प्रशिक्षक की भूमिका में भी काम करने का अवसर मिला। उनकी पेशेवर पृष्ठभूमि में विमान संचालन और पायलट प्रशिक्षण दोनों का अनुभव शामिल है।
वेलिंगकर संस्थान से की पढ़ाई
कैप्टन स्मित माछर ने वेलिंगकर प्रबंधन संस्थान से व्यवसाय प्रशासन में स्नातक की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने विमानन क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाया। लंबे समय तक पायलट के रूप में काम करने के साथ उन्होंने प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की जिम्मेदारियां भी निभाईं। फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना के बाद उनकी बहादुरी की चर्चा भारत और विदेशों में हो रही है।
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