छह मंजिला एसए अपार्टमेंट होगा पूरी तरह ध्वस्त:पिलर टूटने के बाद बिल्डिंग में रहने लायक नहीं बची, एलडीए देगा बिल्डर को 15 दिन का नोटिस
गोलागंज के बारूदखाना स्थित छह मंजिला एसए अपार्टमेंट को अब पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा। पिलर टूटने के बाद बिल्डिंग की हालत बेहद खतरनाक हो गई है। एलडीए की जांच में निर्माण की गुणवत्ता इतनी खराब मिली है कि न तो इसकी मरम्मत संभव है और न ही अवैध निर्माण का शमन कराया जा सकता है। ऐसे में एलडीए ने पूरी बिल्डिंग गिराने का फैसला लिया है। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि एसए अपार्टमेंट का नक्शा वर्ष 2009 में पास हुआ था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता बेहद खराब पाई गई है। बिल्डिंग अब रहने के लिए सुरक्षित नहीं है। पहले जो ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था, वह केवल छत पर बनाए जा रहे अवैध पेंट हाउस को लेकर था। अब पूरे अपार्टमेंट को गिराने के लिए बिल्डर को नए सिरे से नोटिस जारी किया जाएगा। बिल्डर को मिलेगा 15 दिन का समय एलडीए नए नोटिस में बिल्डर को अपना पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय देगा। इस दौरान वह सुनवाई में अपना पक्ष रख सकेगा। यदि बिल्डर खुद बिल्डिंग नहीं गिराता है तो नोटिस की अवधि पूरी होने के बाद एलडीए अपने स्तर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों के मुताबिक इस मामले में शमन का विकल्प भी नहीं दिया जाएगा। निर्माण की खराब स्थिति को देखते हुए पूरी बिल्डिंग गिराना ही एकमात्र विकल्प है। 24 फ्लैट, 3 हजार वर्गफीट जमीन पर बना अपार्टमेंट फैक्ट फाइल • अपार्टमेंट छह मंजिला है। • इसमें कुल 24 फ्लैट हैं। • करीब 3 हजार वर्गफीट जमीन पर निर्माण हुआ है। • इसका नक्शा वर्ष 2009 में पास हुआ था। • बिल्डर वकील अहमद ने शहाबुद्दीन के साथ मिलकर वर्ष 2011 में निर्माण कराया था। 200 से 250 जैक लगाकर बिल्डिंग को संभालने की कोशिश अचानक बिल्डिंग गिरने के खतरे को देखते हुए एलडीए ने इसे तत्काल सहारा देने का काम शुरू कराया है। एलडीए की विशेष टीम मंगलवार रात से भूतल पर काम कर रही है। जहां दीवार बनी है, वहां छत और दीवार के बीच जैक लगाए जा रहे हैं। वहीं खुले हिस्सों में मोटी दीवार बनाकर उसके सहारे जैक लगाए जा रहे हैं। टीम मंगलवार तक करीब 80 से 90 जैक लगा चुकी थी। कर्मचारियों के मुताबिक बिल्डिंग को सुरक्षित तरीके से संभालने के लिए करीब 200 से 250 जैक लगाने पड़ सकते हैं। इसके बाद ही अचानक ढहने का खतरा कम होगा। अधिकारियों का कहना है कि इसके बाद फ्लैट मालिकों को अंदर जाकर अपना सामान निकालने की अनुमति दी जा सकेगी। पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ महीने तक लग सकते हैं। फ्लैट मालिकों को विस्थापित नहीं मानेगा एलडीए अपार्टमेंट टूटने के बाद जिन फ्लैट मालिकों के पास रहने की जगह नहीं रहेगी, उन्हें एलडीए विस्थापित नहीं मानेगा। ऐसे में एलडीए की ओर से उन्हें कोई वैकल्पिक आवास या फ्लैट नहीं दिया जाएगा। फ्लैट मालिक बिल्डर से ही अपने नुकसान की भरपाई की मांग कर सकते हैं। फिलहाल एलडीए की प्राथमिकता बिल्डिंग को सुरक्षित तरीके से खाली कराने और उसे ध्वस्त करने की तैयारी करना है। बिल्डर के खिलाफ अभी एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। निर्माण के लिए जिम्मेदार इंजीनियरों की भी जांच अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार अभियंताओं और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है। एलडीए वीसी ने संबंधित जोनल अधिकारी से उन अभियंताओं और अधिकारियों की सूची मांगी है, जो अपार्टमेंट के निर्माण और अवैध निर्माण के दौरान तैनात थे। इसके आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। पिलर टूटने के बाद मची थी अफरा-तफरी मंगलवार सुबह बारूदखाना स्थित एसए अपार्टमेंट में तेज आवाज के साथ एक पिलर टूट गया। इसके बाद पूरी बिल्डिंग हिलने लगी। अंदर मौजूद लोगों को भूकंप की आशंका हुई और वे परिवार के साथ बाहर निकल आए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। सुरक्षा के लिहाज से अपार्टमेंट में रहने वाले करीब 25 परिवारों को बाहर निकाला गया। आसपास का 50 मीटर क्षेत्र सील कर दिया गया और नजदीक की एक अन्य बिल्डिंग को भी खाली कराया गया। गनीमत रही कि पिलर टूटने के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। बिल्डर का अभी तक नहीं मिला सुराग मामले में अभी तक किसी फ्लैट मालिक ने पुलिस को तहरीर नहीं दी है। नियम के तहत फ्लैट मालिक बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकते हैं। घटना के बाद से बिल्डर का पता नहीं चल पाया है। उसके कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी भी सामने नहीं आए हैं।
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