चित्रकला प्रतियोगिता में वैष्णवी ने जीता पहला पुरस्कार:उरई में हुई 'मेरे सपनों का भारत' थीम पर प्रतियोगिता, 17 अक्टूबर को मिलेंगे इनाम
जालौन के उरई स्थित दयानंद वैदिक कॉलेज के महाराजा छत्रसाल सभागार में बुधवार 2 बजे सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के स्नातक एवं परास्नातक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता की थीम ‘मेरे सपनों का भारत’ रखी गई, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं और विचारों को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों ने निर्धारित विषय पर आकर्षक और रचनात्मक चित्र बनाए। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने सपनों के भारत की विभिन्न कल्पनाओं को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. रवि प्रकाश पाण्डेय और सह-प्रभारी डॉ. शगुफ्ता मिर्जा रहीं। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. सुरेंद्र मोहन यादव, डॉ. सुरेंद्र यादव एवं सुश्री शुभ प्रिया पाल शामिल रहीं। निर्णायक मंडल द्वारा सर्वसम्मति से किए गए निर्णय के आधार पर बीएससी प्रथम सेमेस्टर की छात्रा वैष्णवी को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा संस्कृति दीक्षित ने द्वितीय तथा बीएससी पंचम सेमेस्टर की छात्रा पायल गुर्जर ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बीएससी पंचम सेमेस्टर की छात्रा प्रियांशी को प्रथम सांत्वना पुरस्कार, जबकि बीए पंचम सेमेस्टर की छात्रा अंशिका को द्वितीय सांत्वना पुरस्कार मिला। यह सभी पुरस्कार 17 अक्टूबर को होने वाले कार्यक्रम में दिए जाएंगे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारी मौजूद रहे। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को रचनात्मक अभिव्यक्ति का अवसर मिला और उन्होंने देश के भविष्य को लेकर अपनी कल्पनाओं को चित्रों के जरिए प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
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