रामपुर में पशुओं को लगे टीके, हुई टैगिंग:पशुपालकों को बीमारी से बचाव और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली
रामपुर में पशुओं को बीमारियों से सुरक्षित रखने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए बुधवार को बीसरा गांव में प्रधान के आवास पर पशु चिकित्सा विभाग की ओर से कैंप लगाया गया। बुधवार दोपहर 1 से 3 बजे तक चले कैंप में पशुओं का टीकाकरण और कान में टैग लगाने के साथ पशुपालकों को इसके महत्व की जानकारी दी गई। पशु चिकित्सा अधिकारी ने पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी विभिन्न जानकारियां देने के साथ सरकार की योजनाओं के बारे में भी बताया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि पशुओं के कान में लगाया जाने वाला टैग उनकी पहचान का काम करता है। जिस तरह प्रत्येक व्यक्ति की पहचान के लिए आधार कार्ड होता है, उसी तरह टैग लगने के बाद पशु की अपनी पहचान दर्ज हो जाती है। इससे पशु का स्वामी कौन है, इसकी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में उपलब्ध रहती है। किसी पशु के साथ कोई घटना होने या उससे संबंधित किसी योजना का लाभ मिलने की स्थिति में उसके स्वामी की पहचान करने में भी आसानी होती है। उन्होंने पशुओं के नियमित टीकाकरण पर भी जोर दिया। बताया कि सरकार की ओर से समय-समय पर पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकरण कराया जाता है। पशुपालकों को अपने पशुओं का निर्धारित समय पर टीकाकरण जरूर कराना चाहिए, ताकि उन्हें गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। कैंप में पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, बीमारी से बचाव और समय पर उपचार कराने के संबंध में भी जानकारी दी गई। इसके साथ ही सरकार की ओर से पशुपालकों के लिए संचालित योजनाओं के बारे में बताया गया। पशु चिकित्सा अधिकारी ने योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया और पात्रता की जानकारी देते हुए पशुपालकों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। चाहें तो मैं इसी खबर का गांव के प्रधान इरशाद ने बताया कि बहुत सारे लोग हमारे गांव में पशुपालक हैं और जो जानकारी आज पशु चिकित्सा अधिकारी के द्वारा गांव में लोगों को दी गई है उपलब्ध करवाई गई है उसे पशुपालक जागरूक हुए हैं और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी गई है।
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