DDU के छात्रों का VC ऑफिस पर हंगामा:असिस्टेंट प्रॉक्टर पर लगा कर्मचारी को धमकी देने का आरोप, निलंबन की मांग की
दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में लॉ डिपार्टमेंट के कर्मचारी और असिस्टेंट प्रॉक्टर वेद प्रकाश राय के बीच कथित विवाद के बाद तमाम छात्र संगठनों में नाराजगी है। मंगलवार को विभिन्न छात्र संगठन एकजुट होकर प्रदर्शन करते हुए VC ऑफिस पहुंचें। उन्होंने जमकर नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि विधि विभाग सहायक सन्तोष कुमार के साथ परीक्षा नियंत्रक कार्यालय के लिफाफे के लेनदेन को लेकर विभाग के सहायक आचार्य वेद प्रकाश राय की ओर से कथित तौर पर से सार्वजनिक रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। हालांकि कुलपति ने तुरंत प्रदर्शनकारियों को अंदर बुलाकर मुलाकात की। उन्होंने आश्वासन दिया है कि 10 दिन के अंदर पूरे मामले को समझ को एक उचित कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद छात्र शांत हुए और प्रदर्शन आधे घंटे के अंदर खत्म हो गया। पुलिस से पूछा "Who the hell are you?"
प्रदर्शन के दौरान जब छात्रों को रोकने और मामला शांत कराने पहुंची तब दोनों के बीच के बीच नोकझोंक और तीखी बहस देखने को मिली। पुलिस की मौजूदगी से छात्र भड़क उठे ,उनका कहना था कि ये यूनिवर्सिटी हमारा है, VC से मिलने आएं हैं, हमेंपुलिस रोकने वाले आप कौन हैं? जानिए छात्रों का आरोप…
कुलपति प्रोफेसर केपी सिंह से मुलाकात के दौरान छात्रों ने एक शिकायत पत्र सौंपा। जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि अधिष्ठाता (डीन) की उपस्थिति के बावजूद कर्मचारी के साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया गया, गंभीर धमकियां दी गई और उनके गृह जनपद हरदोई से होने के कारण उन्हें अपमानित और प्रताड़ित किया गया। छात्रों का कहना है कि आरोपों को बिना जांच के अंतिम सत्य नहीं मानते बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष जांच के माध्यम से वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग कर रहे है। साथ ही विश्वविद्यालय प्रशासन से यह भी स्पष्ट किए जाने की अपेक्षा है कि जिस तरह विद्यार्थियों के मामलों में समिति गठित कर जांच के बाद निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई की जाती है और पहले कई कर्मचारियों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की जा चुकी है, उसी तरह इस मामले में भी कार्रवाई हो। मामले की जांच पारदर्शी तरीके से हो
उनका कहना है कि जांच के बाद अगर आरोप गंभीर पाए जाते हैं तो केवल पद या किसी अन्य कारण से अलग मानक लागू नहीं होना चाहिए। संबंधित शिक्षक के संबंध में पहले भी भी विवादों में रहने की शिकायतें / चर्चाएं सामने आती रही हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्षता और पारदर्शिता और भी आवश्यक हो जाती है। उन्होंने मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर किया जाए। दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई हो। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती है तो इससे बड़ा आंदोलन करेंगे। कुलपति ने 10 दिन का समय मांगा
छात्रों ने बताया की मुलाकात के दौरान कुलपति ने उनसे 10 दिन का समय मांगा है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)