DDU में संस्कृत के नए कोर्स की शुरुआत:सर्टिफिकेट कोर्स के बाद डिप्लोमा भी कर सकेंगे छात्र, भाषा पर पकड़ बेहतर होगी
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थित गुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ में संस्कृत के नए बैच की पढ़ाई शुरू हो गई है। यह कोर्स संस्कृत अध्ययन केंद्र में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सहयोग से चलाया जा रहा है। शोधपीठ के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. कुशल नाथ मिश्रा ने बताया कि इस बार सर्टिफिकेट के साथ-साथ डिप्लोमा कोर्स भी शुरू किया गया है। जिन छात्रों ने पिछले साल सर्टिफिकेट कोर्स पास कर लिया था, वे अब अपनी भाषा बेहतर करने के लिए डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। फ्री संस्कृत स्पीकिंग क्लास भी शुरू
संस्कृत अध्ययन केंद्र को बेहतर तरीके से चलाने के लिए केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने पहले ही यहां संस्कृत की प्रोफेसर निपा चौधरी की नियुक्ति की गई थी।इसके अलावा, विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में 7 दिन की फ्री संस्कृत स्पीकिंग क्लास भी शुरू की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों और अन्य लोगों को आसान तरीके से रोजमर्रा की जिंदगी में संस्कृत बोलना सिखाना है।इस केंद्र के जरिए विश्वविद्यालय कैंपस में संस्कृत पढ़ने, पढ़ाने और बोलचाल में इसका इस्तेमाल बढ़ाने के लिए लगातार नई शुरुआत की जा रही है।
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