देवरिया में चुनाव आयोग के खिलाफ वाम दलों का प्रदर्शन:CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग; SIR पर रोक और हटाए नाम बहाल करने का मुद्दा उठाया
देवरिया में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त वामपंथी दलों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में धरना दिया। सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले प्रदर्शन के बाद डीम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर रोक लगाने, मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए नाम बहाल करने और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में बदलाव की मांग की गई। वाम दलों ने ज्ञापन में 23 सितंबर को एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट में मतदाताओं के नाम जोड़ने-हटाने, नाम बहाल करने, फॉर्म-6 में बदलाव और मतदाता सूची के डाटाबेस के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया था। हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा था कि SIR समेत आयोग के सभी निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सहमति से लिए गए हैं। आयोग के मुताबिक अलग-अलग मुद्दों पर आयुक्तों की राय अलग होना अंतिम निर्णय की प्रक्रिया से अलग विषय है। ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगें वाम दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए लोगों के नाम बहाल कर उनका मतदान अधिकार सुनिश्चित करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र और लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली बहाल करने तथा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव का भी प्रस्ताव दिया। उन्होंने चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने की मांग की। SIR के आधार पर हुए चुनावों की समीक्षा की मांग वाम दलों ने कहा कि दोषपूर्ण SIR के आधार पर हुए चुनावों की वैधता की समीक्षा की जानी चाहिए और जरूरत के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। ज्ञापन में 25 सितंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया। इसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किए जाने की बात कही गई। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद धरने और ज्ञापन के दौरान सतीश कुमार, रामवृक्ष प्रसाद, रमाशंकर गुप्ता, पूनम यादव, सुदर्शन बरियारपुर, रामनरेश कुशवाहा, नथुनी, रामानंद पासवान, मीना मदेशिया, गीता देवी, फुलमती देवी, सविता सिंह, नीलम सिंह, मीरा देवी, धीरज कुमार चौहान, कैलाश प्रसाद और बिंद्र समेत संयुक्त वामपंथी दलों से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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