धनौली अवैध दवा गोदाम मामले में सरगना फरार:दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल से जुड़े हैं तार, ठिकाना बदल कर रहा था गोरख धंधा
मालपुरा थाना क्षेत्र के धनौली में मंगलवार को अवैध गोदाम पर हुई कार्रवाई के तार दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल से जुड़ गए हैं। पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने गोदाम से करीब 5 करोड़ रुपए कीमत की संदिग्ध नकली दवाएं बरामद की थीं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में दवाओं की सप्लाई का कनेक्शन हिमांशु अग्रवाल तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। दोनों की तलाश की जा रही है। कबाड़ के बीच छिपाकर रखी थीं दवाएं नकली दवाओं की बिक्री की सूचना पर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने धनौली में इकरार के घर पर छापा मारा। यहां कबाड़ के बीच कार्टन में बड़ी मात्रा में दवाएं छिपाकर रखी मिलीं। इनमें मल्टीनेशनल कंपनियों की मधुमेह, दर्द निवारक समेत अन्य दवाएं शामिल थीं। अधिकारियों के अनुसार, बरामद दवाओं की कीमत करीब पांच करोड़ रुपए है। पूछताछ में इकरार ने बताया कि उसने दवाएं शामिन उर्फ छोटू और सलुआ उर्फ मुकीम से खरीदी थीं। पुलिस ने दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। तीनों से पूछताछ के बाद दवाओं की सप्लाई का कनेक्शन हिमांशु अग्रवाल से जुड़ा। ट्रांसपोर्टर के जरिए हिमांशु से दवाएं खरीदने का दावा शामिन और सलुआ ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने दवाएं ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के माध्यम से हिमांशु अग्रवाल से खरीदी थीं। इसके बाद पुलिस ने हिमांशु अग्रवाल और आशीष जैन को भी मुकदमे में आरोपी बनाया है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि दवाओं की खरीद-फरोख्त में दोनों की भूमिका क्या थी और इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हैं। कार्रवाई से दो दिन पहले खाली कर दिया गोदाम जांच में सामने आया कि हिमांशु अग्रवाल ने अपने पिता पवन कुमार के नाम से ईंट की मंडी क्षेत्र में किराए पर गोदाम लिया था। यहां से कथित तौर पर नकली दवाओं की बिक्री की जा रही थी। टीम जब इस गोदाम पर पहुंची तो वह खाली मिला। जांच में पता चला कि कार्रवाई से करीब दो दिन पहले ही गोदाम खाली कर दिया गया था। एक करोड़ की रिश्वत के मामले में जेल जा चुका है हिमांशु दवा कारोबारी हिमांशु अग्रवाल का नाम अगस्त 2025 में आगरा के नकली दवा मामले में सामने आया था। एसटीएफ और औषधि विभाग की कार्रवाई के बाद उस पर टीम को कार्रवाई से बचाने के लिए एक करोड़ रुपए की रिश्वत देने की कोशिश करने का आरोप लगा था। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में वह जमानत पर बाहर आया। अब धनौली के अवैध गोदाम से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में एक बार फिर उसका नाम सामने आया है। दवाएं जलाने का वीडियो भी मिला इस मामले की जांच में रविवार को यमुना किनारे डीजल डालकर बड़ी मात्रा में दवाएं जलाने की बात भी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से दवाएं जलाने का वीडियो मिला है। वीडियो में कई लोगों की आवाजें भी रिकॉर्ड हैं। पुलिस अब वीडियो और मोबाइल में मिले साक्ष्यों के आधार पर दवाएं जलाने वालों और पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर रही है। यूपी-राजस्थान में सप्लाई की जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद और सप्लाई की गई दवाएं उत्तर प्रदेश और राजस्थान में किन-किन स्थानों पर भेजी गईं। साथ ही धनौली के गोदाम, हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन के बीच लेन-देन और दवाओं की सप्लाई की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है। फिलहाल मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार हैं, जबकि हिमांशु अग्रवाल और आशीष जैन की तलाश जारी है।
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