दिल्ली-NCR में प्रदूषण रोकने के लिए आज से नियम सख्त:पुरानी गाड़ियों की एंट्री बंद, पार्किंग फीस दोगुनी; 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे
दिल्ली-NCR में प्रदूषण कम करने के लिए 1 नवंबर से नए प्रतिबंध लागू हो गए हैं। अब दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियां राजधानी में नहीं आ सकेंगी। सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। कई सार्वजनिक पार्किंग में फीस भी दोगुनी कर दी गई है। इसके अलावा, बिना वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) वाली गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल और CNG नहीं मिलेगी। धूल फैलाने वाले निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर भी रोक रहेगी। ये पाबंदियां सर्दियों में प्रदूषण बढ़ने से पहले ही लागू की गई हैं, ताकि हवा की गुणवत्ता खराब होने पर इंतजार न करना पड़े। हर साल 1 नवंबर से लागू होगा विंटर प्लान दिल्ली सरकार ने जुलाई 2026 में विंटर पॉल्यूशन एक्शन प्लान को मंजूरी दी थी। इसके तहत हर साल 1 नवंबर से 28 फरवरी तक प्रदूषण रोकने के उपाय लागू रहेंगे। इस बार 1 नवंबर से इन नियमों की शुरुआत हुई है। पहले प्रदूषण बढ़ने पर GRAP के अलग-अलग चरण लागू किए जाते थे। नए प्लान के तहत कुछ पाबंदियां पहले से तय तारीख पर लागू होंगी। क्या है GRAP, कब लागू हुआ था? GRAP यानी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान। इसे जनवरी 2017 में लागू किया गया था। इसका मकसद दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने पर प्रदूषण के स्तर के हिसाब से पाबंदियां लगाना है। इसे चार चरणों में बांटा गया है। हवा की गुणवत्ता और AQI के आधार पर पाबंदियां बढ़ाई जाती हैं। GRAP का पहला चरण AQI 201 से 300 यानी खराब हवा की स्थिति में लागू होता है। दूसरा चरण AQI 301 से 400 यानी बेहद खराब हवा पर लागू होता है। तीसरा चरण AQI 401 से 450 यानी गंभीर स्थिति में और चौथा चरण AQI 450 से ज्यादा होने पर लागू किया जाता है। नए विंटर प्लान की पाबंदियां GRAP से अलग हैं। इन्हें प्रदूषण का स्तर बढ़ने का इंतजार किए बिना तय तारीखों पर लागू किया जाएगा। पुरानी गाड़ियों की एंट्री पर रोक दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम मानक वाली गाड़ियां 1 नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक राजधानी में नहीं आ सकेंगी। इसमें नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और गाजियाबाद से आने वाली पुरानी पेट्रोल-डीजल गाड़ियां भी शामिल हैं। इलेक्ट्रिक और CNG गाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है। एंबुलेंस और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं के वाहन भी आ सकेंगे। निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल फैलाने वाले तोड़फोड़ और खुले में होने वाले निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी। जरूरी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को तय शर्तों के साथ छूट मिल सकती है। इमारतों के अंदर बिजली, प्लंबिंग और फिनिशिंग का काम जारी रह सकेगा। इसके अलावा, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर और सख्त रोक लागू होगी। दफ्तरों में आधे कर्मचारी ही आएंगे सरकारी और निजी दफ्तरों में एक समय पर 50% कर्मचारी ही ऑफिस में काम करेंगे। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। यह व्यवस्था 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी। जरूरी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को इससे छूट दी गई है। दिल्ली नगर निगम के दफ्तर सुबह 8:30 से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे। निजी दफ्तरों को भी कार पूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। पार्किंग फीस दोगुनी, PUC नहीं तो फ्यूल नहीं निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए कई सार्वजनिक पार्किंग में 1 नवंबर से 28 फरवरी तक पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा। हालांकि, दिल्ली मेट्रो की ओर से संचालित पार्किंग पर यह बढ़ोतरी लागू नहीं होगी। दिल्ली में बिना वैध प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र (PUC) वाली गाड़ियों को पेट्रोल, डीजल और CNG नहीं मिलेगी। इस नियम को लागू करने के लिए 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट स्कैन कर उसकी जानकारी जांचेंगे। कैमरों से निगरानी, नियम तोड़ने पर ई-चालान नियमों का पालन कराने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ANPR कैमरों और AI तकनीक की मदद से गाड़ियों और नियमों पर नजर रखी जाएगी। नियम तोड़ने वाले वाहनों के ई-चालान काटे जाएंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से नए नियमों का पालन करने की अपील की है।
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