दिवाली से पहले रवि पुष्य नक्षत्र:आज संपत्ति खरीदने का शुभ योग; जानिए घर, गाड़ी, ज्वेलरी खरीदने के मुहूर्त

Nov 01, 2026 - 04:34
0
दिवाली से पहले रवि पुष्य नक्षत्र:आज संपत्ति खरीदने का शुभ योग; जानिए घर, गाड़ी, ज्वेलरी खरीदने के मुहूर्त
8 नवंबर को दीपावली है। इससे ठीक सात दिन पहले आज, 1 नवंबर, रविवार को खरीदारी और नए काम की शुरुआत के लिए शुभ रवि पुष्य योग बन रहा है। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से यह संयोग बनता है। मान्यता के अनुसार, इस योग में सोना-चांदी, आभूषण, वाहन, मकान, प्लॉट और कारोबार से जुड़ी चीजें खरीदने से सुख-समृद्धि और लाभ मिलता है। इसीलिए दीपावली से पहले आने वाले पुष्य नक्षत्र में खरीदारी करने की परंपरा है। व्यापारी नए बहीखाते शुरू करते हैं और घर-दुकानों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा की जाती है। इस बार पुष्य नक्षत्र के साथ सप्तमी तिथि होने से सूर्य पूजा का भी विशेष संयोग है। क्यों खास है रवि पुष्य नक्षत्र? ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को रविवार का स्वामी माना जाता है। सूर्य मान-सम्मान, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और आत्मविश्वास का कारक ग्रह है। जबकि पुष्य नक्षत्र स्थिरता, समृद्धि और शुभता का प्रतीक है। इस वजह से रवि पुष्य नक्षत्र में किए गए शुभ काम मान-सम्मान, प्रसिद्धि और लाभ दिलाने वाले होते हैं। अगर गाड़ी की डिलीवरी शाम को लेनी है, तो सूर्यास्त से पहले ले सकते हैं। घर-प्लॉट की बुकिंग और नए काम की शुरुआत भी सूर्यास्त से पहले करेंगे, तो बेहतर रहेगा। घर की जरूरत की अन्य चीजें यहां दिए गए मुहूर्त में खरीद सकते हैं। रवि पुष्य नक्षत्र पर करें ये शुभ काम इस दिन पुष्य नक्षत्र के साथ ही सप्तमी तिथि भी है। इस तिथि पर सूर्य की विशेष पूजा करने की परंपरा है। सूर्य पूजा करने के लिए तांबे के लोटे में जल लेकर सूर्यदेव को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय ऊँ सूर्याय नमः मंत्र का जप करें। पूजा-पाठ के साथ ही भोजन, वस्त्र और धन का दान कर सकते हैं। इस दिन घर या दुकान में लक्ष्मी-गणेश का पूजन भी करना चाहिए। …. यह खबर भी पढ़िए… रविवार को करें सूर्य की विशेष पूजा: पुष्य नक्षत्र, भानु सप्तमी, अहोई अष्टमी व्रत और रविवार का शुभ योग, जानिए इस दिन कौन-कौन से शुभ काम करें रविवार, 1 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी है। सप्तमी तिथि दोपहर करीब 2.55 बजे तक रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी। इस दिन भानु सप्तमी और अहोई अष्टमी व्रत दोनों किए जाएंगे। इस दिन पुष्य नक्षत्र भी है। कार्तिक मास, रवि पुष्य नक्षत्र, भानु सप्तमी, अहोई अष्टमी और रविवार के योग में सूर्यदेव और अहोई माता की विशेष पूजा करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़िए…

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User