करवा चौथ पर आज आपके शहर में कब निकलेगा चांद...
करवा चौथ का पर्व आज 29 अक्टूबर को मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। जानिए लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और अन्य प्रमुख शहरों में चांद निकलने का संभावित समय, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री और चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि।
दि राइजिंग न्यूज़ | लखनऊ | 29 अक्टूबर 2026
करवा चौथ का पर्व आज 29 अक्टूबर को देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद व्रत की शुरुआत होती है और महिलाएं दिनभर भोजन तथा जल ग्रहण किए बिना रहती हैं। शाम को विधि-विधान से करवा माता की पूजा की जाती है और रात में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है। इस पर्व पर महिलाओं को सबसे अधिक इंतजार चांद निकलने का रहता है, क्योंकि चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है।
करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक बताया गया है। इस दौरान महिलाएं पूजा की तैयारी पूरी करके करवा माता की आराधना कर सकती हैं। पूजा के लिए मिट्टी या तांबे का करवा, जल का लोटा, छलनी, दीपक, घी, रुई की बत्ती, रोली, कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, मिठाई, फल और अन्य पूजन सामग्री रखी जाती है। कई परिवारों में व्रत कथा सुनने, करवा बदलने और सास को बायना देने की परंपरा भी निभाई जाती है। हालांकि, पूजा की परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में भिन्न हो सकती हैं।
प्रमुख शहरों में चांद निकलने का संभावित समय
लखनऊ में रात करीब 8 बजकर 1 मिनट पर चांद दिखाई देने का अनुमान है। दिल्ली में चंद्रोदय रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर, चंडीगढ़ में 8 बजकर 10 मिनट पर, कोलकाता में शाम 7 बजकर 40 मिनट पर, बेंगलुरु में रात 8 बजकर 48 मिनट पर और मुंबई में रात 8 बजकर 52 मिनट पर होने की संभावना बताई गई है। कानपुर में चांद रात करीब 8 बजकर 1 से 8 बजकर 6 मिनट के बीच दिखाई दे सकता है। इन समयों में स्थानीय परिस्थितियों और मौसम के कारण कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय ध्यान में रखना चाहिए।
चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि
शाम की पूजा के बाद महिलाएं चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा करती हैं। चांद दिखाई देने पर छलनी से चंद्रमा के दर्शन करने और फिर पति को देखने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इसके बाद चंद्रमा को जल अर्पित किया जाता है और पति की लंबी आयु तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। कुछ महिलाएं इस दौरान मंत्रों का जाप भी करती हैं। पूजा पूरी होने के बाद पति के हाथ से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाती है। क्षेत्रीय रीति-रिवाजों के अनुसार इस प्रक्रिया में अंतर हो सकता है।
बादलों के कारण चांद दिखाई न दे तो क्या करें
कई बार खराब मौसम या आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा के दर्शन नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय अपने क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और परिवार के बड़ों की सलाह के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। कुछ मान्यताओं में पंचांग में बताए गए चंद्रोदय के समय चंद्रमा की दिशा में अर्घ्य देने या भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा का स्मरण करने जैसे विकल्प बताए जाते हैं। हालांकि, इन उपायों को लेकर सभी स्थानों पर एक जैसी मान्यता नहीं है। इसलिए व्रत खोलने से पहले अपने परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा की प्रक्रिया पूरी करना उचित रहेगा।
पूजा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
करवा चौथ पर महिलाएं पूजा की थाली पहले से तैयार रखें, ताकि चांद निकलने के समय किसी जरूरी सामग्री की कमी न हो। थाली में करवा, जल, छलनी, दीपक, रोली, अक्षत, मिठाई और पूजा से जुड़ी अन्य वस्तुएं रखी जा सकती हैं। पूजा के दौरान श्रद्धा और शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि पूजा करते समय दीपक बुझ जाए, तो इसे लेकर डरने या अपशकुन मानने की जरूरत नहीं है। हवा के कारण ऐसा हो सकता है। दीपक को सुरक्षित तरीके से दोबारा जलाकर पूजा पूरी की जा सकती है।
करवा चौथ केवल व्रत और पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान का प्रतीक भी माना जाता है। इस दिन परिवारों में पारंपरिक पकवान बनाए जाते हैं और महिलाएं सोलह श्रृंगार करके पूजा में शामिल होती हैं। पर्व का संदेश वैवाहिक रिश्तों में स्नेह, सहयोग और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करना भी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)