ईएसआईसी वेतन सीमा बढ़ेगी या नहीं संसद में सरकार ने दिया बड़ा जवाब

संसद में सरकार ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना की वर्तमान इक्कीस हजार रुपये मासिक वेतन सीमा बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है।

ईएसआईसी वेतन सीमा बढ़ेगी या नहीं  संसद में सरकार ने दिया बड़ा जवाब

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 31 जुलाई 2026

कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना की वेतन सीमा बढ़ाने को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने संसद में अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। सरकार ने कहा है कि वर्तमान में इक्कीस हजार रुपये मासिक वेतन सीमा को बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इससे लाखों कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों की उम्मीदों को झटका लगा है।


वेतन सीमा बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं

संसद में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना की मौजूदा वेतन सीमा को बढ़ाने की सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है। लंबे समय से विभिन्न श्रमिक संगठन और कर्मचारी इस सीमा में वृद्धि की मांग कर रहे थे। सरकार के इस उत्तर के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई है।मंत्री ने कहा कि जब तक इस विषय में कोई नई अधिसूचना जारी नहीं की जाती, तब तक वर्तमान व्यवस्था ही लागू रहेगी। इसका अर्थ है कि योजना का लाभ अभी भी उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगा जिनकी मासिक आय निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार ने इस समय किसी प्रकार के संशोधन के संकेत नहीं दिए हैं।

वर्ष 2017 में हुआ था अंतिम संशोधन

कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना की वेतन सीमा में अंतिम संशोधन वर्ष 2017 में किया गया था। उस समय सीमा को पंद्रह हजार रुपये से बढ़ाकर इक्कीस हजार रुपये प्रति माह कर दिया गया था। सरकार का मानना था कि बढ़ती आय और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।हालांकि इसके बाद से लगभग नौ वर्षों में महंगाई और जीवन यापन की लागत में लगातार वृद्धि हुई है। इसके बावजूद वेतन सीमा में कोई नया संशोधन नहीं किया गया। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों द्वारा लगातार नई सीमा निर्धारित करने की मांग उठाई जाती रही है।

श्रमिक संगठनों की बढ़ी मांग

देश के विभिन्न श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि वर्तमान वेतन सीमा अब समय के अनुरूप नहीं रह गई है। उनका तर्क है कि निजी क्षेत्र में वेतन वृद्धि के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी योजना के दायरे से बाहर हो रहे हैं। इससे उन्हें सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता।श्रमिक संगठनों की मांग है कि वेतन सीमा को बढ़ाकर कम से कम पच्चीस हजार से तीस हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। उनका मानना है कि इससे अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने हालांकि फिलहाल इस मांग पर कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया है।

कर्मचारियों और नियोक्ताओं का योगदान

कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना के अंतर्गत कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का अंशदान निर्धारित होता है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नियोक्ता अपने कर्मचारी के वेतन का तीन दशमलव पच्चीस प्रतिशत अंशदान देता है। वहीं कर्मचारी की ओर से शून्य दशमलव पचहत्तर प्रतिशत राशि का योगदान किया जाता है।सरकार ने स्पष्ट किया है कि जब तक वेतन सीमा में कोई बदलाव नहीं होता, तब तक अंशदान की व्यवस्था भी वर्तमान रूप में जारी रहेगी। इससे योजना के वित्तीय ढांचे में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं होगा। कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार ही योगदान देना होगा।

किन कर्मचारियों को मिलता है लाभ

कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना का लाभ उन कर्मचारियों को दिया जाता है जिनकी मासिक आय इक्कीस हजार रुपये या उससे कम होती है। विशेष रूप से दिव्यांग कर्मचारियों के लिए यह सीमा पच्चीस हजार रुपये निर्धारित है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।इस योजना के माध्यम से कर्मचारियों और उनके परिवारों को विभिन्न प्रकार की चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इससे इलाज का आर्थिक बोझ कम होता है और जरूरतमंद परिवारों को राहत मिलती है। यही कारण है कि यह योजना देश की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल है।

योजना के तहत मिलती हैं अनेक सुविधाएं

कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना के अंतर्गत पंजीकृत कर्मचारियों को अस्पतालों में उपचार, दवाइयां, जांच और अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कई मामलों में गंभीर बीमारियों के उपचार की व्यवस्था भी की जाती है। इससे कर्मचारियों को महंगे इलाज के खर्च से राहत मिलती है।योजना के तहत कर्मचारियों के आश्रितों को भी लाभ प्रदान किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा मिल सकती है। यही कारण है कि लाखों कर्मचारी इस योजना को अपने परिवार की स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं।