गैस सिलेंडर महंगा, सरकार ने बताई मजबूरी

घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने कहा है कि तेल कंपनियों को प्रत्येक सिलेंडर पर करीब 703 रुपये का नुकसान हो रहा है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बढ़ने के बावजूद भारत में गैस कई देशों की तुलना में सस्ती उपलब्ध है। मार्च से अब तक घरेलू गैस सिलेंडर कुल 89 रुपये महंगा हो चुका है।

गैस सिलेंडर महंगा, सरकार ने बताई मजबूरी

दि राइजिंग न्यूज़। नई दिल्ली। 07 जून 2026


घरेलू गैस सिलेंडर फिर महंगा

देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। केंद्र सरकार ने 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें लागू होने के बाद दिल्ली में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। कीमतों में बढ़ोतरी के बाद सरकार विपक्ष के निशाने पर है, लेकिन केंद्र का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की जा रही है।


हर सिलेंडर पर 700 रुपये से ज्यादा का नुकसान

सरकार के अनुसार, ताजा मूल्य संशोधन से पहले सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को प्रत्येक घरेलू गैस सिलेंडर की बिक्री पर लगभग 703 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा था। केंद्र का दावा है कि वैश्विक बाजार में एलपीजी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के कारण एक सिलेंडर की वास्तविक आपूर्ति लागत 1,600 रुपये से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि उपभोक्ताओं से केवल 942 रुपये ही लिए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि शेष लागत का बड़ा हिस्सा तेल कंपनियां और केंद्र सरकार मिलकर वहन कर रही हैं।


मार्च से अब तक 89 रुपये महंगा हुआ सिलेंडर

यह पहली बार नहीं है जब इस वर्ष गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं। इससे पहले 7 मार्च 2026 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। ताजा 29 रुपये की वृद्धि के बाद कुल बढ़ोतरी 89 रुपये तक पहुंच गई है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों के घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।


उज्ज्वला लाभार्थियों को मिलेगी राहत

सरकार ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ मिलता रहेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलने के बाद उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को सिलेंडर लगभग 642 रुपये में उपलब्ध होगा। हालांकि, सब्सिडी वितरण की व्यवस्था और इसकी अवधि को लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।


पश्चिम एशिया संकट का असर

केंद्र सरकार ने गैस कीमतों में वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को जिम्मेदार ठहराया है सरकार के मुताबिक पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के कारण वैश्विक एलपीजी बाजार प्रभावित हुआ है। इसके चलते एलपीजी का वैश्विक बेंचमार्क माने जाने वाला सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस फरवरी के बाद लगभग 46 प्रतिशत तक बढ़ गया है।


तेल कंपनियों को 60 हजार करोड़ रुपये का नुकसान

केंद्र सरकार का दावा है कि घरेलू एलपीजी पर होने वाला कुल नुकसान पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर लगभग 60 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। एक वर्ष पहले यह आंकड़ा करीब 41,338 करोड़ रुपये था। सरकार ने इस वित्तीय दबाव को कम करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों को 30 हजार करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति देने की मंजूरी भी दी है।


पाकिस्तान, नेपाल और अमेरिका से तुलना

सरकार ने अपने बयान में कहा कि भारत में घरेलू एलपीजी की कीमतें अब भी कई पड़ोसी और विकसित देशों की तुलना में कम हैं। केंद्र के अनुसार पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका समेत कई देशों में एलपीजी की कीमतें भारत से अधिक हैं। सरकार का यह भी दावा है कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे विकसित देशों में भी उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। इसी आधार पर सरकार ने मूल्य वृद्धि को उचित ठहराने की कोशिश की है।


आपूर्ति बनाए रखने के लिए बढ़ाया गया आयात

सरकार ने कहा कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए अमेरिका, कनाडा और अल्जीरिया जैसे देशों से अतिरिक्त एलपीजी आयात की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा घरेलू उत्पादन में भी 60 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई ताकि देश में गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी आम लोगों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि केंद्र सरकार का दावा है कि वैश्विक संकट और बढ़ती लागत के बावजूद उपभोक्ताओं को राहत देने की पूरी कोशिश की जा रही है। आने वाले महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर गैस कीमतों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।