गाजियाबाद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ी:17 लाख ओपीडी के बीच 77 डॉक्टरों की कमी से बढ़ा दबाव
गाजियाबाद जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या पिछले साल के मुकाबले इस साल काफी बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल जिले के सरकारी अस्पतालों में करीब 12 से 13 लाख मरीजों की ओपीडी हुई थी। वहीं, इस साल अब तक करीब 17 लाख मरीज सरकारी अस्पतालों में उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। वर्ष समाप्त होने में अभी समय बाकी है, ऐसे में मरीजों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। मरीजों की बढ़ती संख्या से सरकारी अस्पतालों पर इलाज का दबाव भी लगातार बढ़ रहा है। एक तरफ अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों की कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका असर पड़ रहा है। जिले में डॉक्टरों के कुल 240 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इसके सापेक्ष वर्तमान में केवल 163 डॉक्टर ही तैनात हैं। यानी स्वीकृत पदों के मुकाबले 77 डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। डॉक्टरों की कमी का असर अस्पतालों की ओपीडी के साथ-साथ मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है। सीमित संख्या में डॉक्टरों को बड़ी संख्या में मरीजों को देखना पड़ रहा है। इससे कई बार डॉक्टरों पर काम का अतिरिक्त दबाव बन जाता है और मरीजों को भी उपचार के लिए इंतजार करना पड़ता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि जिले में डॉक्टरों की कमी के संबंध में शासन को लगातार अवगत कराया जा रहा है। डॉक्टरों के रिक्त पदों को भरने के लिए शासन स्तर से प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार है। इसके अलावा अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए आउटसोर्सिंग के जरिए कर्मचारियों की सेवाएं भी ली जा रही हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सचिन चंद्रा वैश्य ने बताया कि जिले में डॉक्टरों की कमी से शासन को अवगत कराया गया है। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए विभाग की ओर से उपलब्ध संसाधनों के आधार पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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