संभल में श्मशान घाट तक नहीं रास्ता:खेतों से शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण, पक्के रास्ते की मांग

Oct 01, 2026 - 16:33
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संभल में श्मशान घाट तक नहीं रास्ता:खेतों से शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण, पक्के रास्ते की मांग
सम्भल के गांव में किसी व्यक्ति की मौत के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम विदाई के लिए शव को श्मशान घाट तक ले जाते हैं, लेकिन मिलक सिरसी गांव में यह अंतिम यात्रा भी मुश्किलों से भरी है। थाना हजरत नगर गढ़ी क्षेत्र के इस गांव में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए उचित रास्ता नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दूसरे लोगों के खेतों से होकर शव ले जाना पड़ता है। रास्ते की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों के मुताबिक हाल ही में नाथिया पत्नी छुट्टन का निधन हुआ था। अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट ले जाने के दौरान रास्ते की खराब हालत सामने आई। रास्ता खराब होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ी और मजबूरी में खेतों से होकर गुजरना पड़ा। मारपीट तक पहुंचने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि खेतों से होकर शव ले जाने पर कई बार खेत मालिकों से विवाद की स्थिति बन जाती है। विरोध और कहासुनी के बाद मामला मारपीट तक पहुंचने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते की समस्या वर्षों पुरानी है। बारिश के दिनों में रास्ते पर पानी और कीचड़ भर जाता है। ऐसे में शव को कंधे पर लेकर चलना बेहद मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव में अंतिम यात्रा के लिए भी स्थायी रास्ता नहीं है तो गांव के विकास के दावों की जमीनी हकीकत क्या है। जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग रास्ते के साथ श्मशान घाट की स्थिति भी खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार परिसर में जलभराव होने से अंतिम संस्कार में भी दिक्कत होती है। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने श्मशान घाट तक पक्का रास्ता, साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि वह किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत जरूरत के लिए सम्मानजनक रास्ता चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर स्थायी समाधान कराने की मांग की है। सामूहिक रूप से आवाज उठाने की बात समस्या का समाधान नहीं होने पर ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आवाज उठाने की बात कही है। इस दौरान प्रीतम, रामफूल, वीर सिंह, रामनाथ, करण सिंह, रोहित, धर्मवीर, रामावतार, मनोज कुमार, वीरपाल सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

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