घाघरा खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर:बहराइच में 10 गांव बाढ़ से घिरे, 15 हजार लोग प्रभावित, संपर्क मार्गों पर 3 फीट पानी
बहराइच में नेपाल और जिले में लगातार हो रही बारिश के साथ बैराजों से पानी छोड़े जाने से घाघरा नदी उफान पर है। नदी खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। महसी और मोतीपुर तहसील के करीब 10 गांव बाढ़ से घिर गए हैं। करीब 15 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई संपर्क मार्गों पर दो से तीन फीट तक पानी बह रहा है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है और राहत-बचाव टीमों को लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। महसी तहसील के मल्लाहनपुरवा, कटेला पुरवा, पूरे प्रसाद, मांझा दरियाबुर्द, गोलागंज, जोधेपुरवा और महंत पुरवा पानी से घिरे हैं। गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। बाढ़ के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में पहुंचकर हालात पर नजर रख रही हैं। ग्रामीणों से नदी और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने को कहा गया है। 2500 लंच पैकेट बांटे गए बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन की ओर से कम्युनिटी किचन शुरू किया गया है। इसके तहत अब तक 2500 लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। प्रभावित गांवों में जरूरत के अनुसार राहत सामग्री और भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। जिलाधिकारी राजेश पांडेय ने अधिकारियों को प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत, भोजन और सुरक्षा का इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का फोकस फिलहाल लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरी सुविधाएं पहुंचाने पर है। एसडीएम ने सुजौली-जंगल गुलरिहा का जायजा लिया उपजिलाधिकारी मोनालिसा जौहरी ने सुजौली और जंगल गुलरिहा क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रभावित इलाकों में पानी की स्थिति और राहत व्यवस्था की जानकारी ली। अधिकारियों को जरूरत वाले स्थानों पर तत्काल मदद पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीमें लगातार गांवों में निगरानी कर रही हैं। घाघरा का जलस्तर बढ़ने या कम होने के अनुसार राहत और बचाव की व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाएगा। 15 हजार लोगों पर बाढ़ का असर महसी और मोतीपुर तहसील के करीब 10 गांवों में बाढ़ का असर है। करीब 15 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरने से कई गांवों का दूसरे इलाकों से संपर्क प्रभावित हुआ है। नेपाल और जिले में बारिश के साथ बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण घाघरा का जलस्तर बढ़ा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। राहत टीमों को प्रभावित गांवों में लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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