गोरखपुर जेल में बंद प्रेमी से मिलने गर्लफ्रेंड पहुंच रहीं:बुर्का पहनकर जाती हैं, बंदी के मां-बाप मिल नहीं पाते
गोरखपुर जेल में बंदियों से मुलाकात की व्यवस्था का कुछ बंदी गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर पॉक्सो एक्ट के मामलों में निरुद्ध बंदियों से मिलने के लिए उनकी प्रेमिकाएं जेल पहुंच रही हैं। सप्ताह में तीन मुलाकात होती है, जिसे गर्लफ्रेंड इस्तेमाल कर लेती हैं। जब बंदी के परिजन पहुंचते हैं, तो कोटा खत्म होने का हवाला देकर बिना मुलाकात कराए वापस भेज दिया जाता है। जेल प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं। जिसके बाद खासकर पॉक्सो एक्ट के बंदियों की मुलाकात में कड़ाई बरती जा रही है। कई बार तो गर्लफ्रेंड चेहरा छिपाने के लिए बुर्का पहनकर भी पहुंचती हैं। जेल में बंद हैं 123 पॉक्सो एक्ट के बंदी
जिला जेल में वर्तमान में कुल 1236 कैदी निरुद्ध हैं। इनमें 123 बंदी पॉक्सो एक्ट के मामलों में बंद हैं, जबकि 124 महिला बंदी भी जेल में निरुद्ध हैं। बड़ी संख्या में बंदियों के बीच मुलाकात की व्यवस्था बनाए रखना जेल प्रशासन के लिए चुनौती है। इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ पॉक्सो के बंदी अपने माता-पिता के निर्धारित मुलाकात के मौके पर प्रेमिकाओं को बुला रहे हैं। इससे वास्तविक परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आधार कार्ड देखने के बाद कराई जा रही मुलाकात शिकायतें सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने मुलाकात व्यवस्था को और सख्त करने का निर्णय लिया है। अब पॉक्सो एक्ट में निरुद्ध बंदियों से मिलने आने वाले माता-पिता को अपने आधार कार्ड की फोटो कॉपी जमा करनी होगी। इसका उद्देश्य मुलाकात करने वाले व्यक्ति की पहचान सुनिश्चित करने के साथ ही बंदी से उसके रिश्ते का सत्यापन करना है। निर्धारित व्यवस्था का फायदा उठा रहे बंदी
जेल में किसी भी मुलाकाती को सीधे बंदी से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती है। पहले बंदी से उसकी सहमति ली जाती है और अनुमति मिलने के बाद ही मुलाकात कराई जाती है। सप्ताह में तीन दिन मिलने की निर्धारित व्यवस्था का फायदा उठाकर कुछ बंदी अपने माता-पिता के हिस्से की मुलाकात प्रेमिकाओं को दे रहे हैं। प्रेमिकाएं पहले पहुंचकर मुलाकात कर लेती हैं और बाद में जब माता-पिता जेल आते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनका मुलाकात का मौका पहले ही इस्तेमाल हो चुका है। सामने आई तीन शिकायतें-
बेटे से मिलने पहुंचे माता-पिता, निराश होकर लौटे गोला थाना क्षेत्र से पॉक्सो एक्ट में बंद एक बंदी से मिलने उसके माता-पिता जेल पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि निर्धारित दिन पर बेटे से मुलाकात हो जाएगी, लेकिन जेल पहुंचने पर पता चला कि उनकी जगह कोई अन्य व्यक्ति पहले ही मुलाकात कर चुका है। नियमानुसार मुलाकात का मौका इस्तेमाल हो जाने के कारण उन्हें बिना बेटे से मिले ही वापस लौटना पड़ा।
बंदी की सहमति से प्रेमिका को मिली मुलाकात झंगहा थाना क्षेत्र से पॉक्सो एक्ट में बंद एक बंदी के माता-पिता उससे मिलने जेल पहुंचने वाले थे, लेकिन उनसे पहले उसकी प्रेमिका मुलाकात के लिए पहुंच गई। बंदी की सहमति मिलने के बाद उसे मिलने की अनुमति दे दी गई। बाद में जब माता-पिता जेल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि मुलाकात का मौका पहले ही इस्तेमाल हो चुका है।
परिजन पहुंचे तो सामने आया दूसरा मुलाकाती
हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र से पॉक्सो एक्ट में बंद एक अन्य बंदी से मिलने के लिए भी पहले कोई दूसरा मुलाकाती पहुंच गया। बाद में जब उसके माता-पिता जेल आए तो उन्हें मुलाकात का मौका नहीं मिल सका। इस तरह बंदियों की सहमति के आधार पर होने वाली मुलाकात का फायदा उठाकर दूसरे लोग मिलने पहुंच रहे हैं और वास्तविक परिजन मुलाकात से वंचित रह जा रहे हैं।
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