गोरखपुर में गरीबों के लिए बना सहारा बना DLSA:1414 मामलों में मुफ्त कानूनी मदद, जेलों से 1981 बंदियों को मिली आज़ादी

Sep 30, 2026 - 20:16
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गोरखपुर में गरीबों के लिए बना सहारा बना DLSA:1414 मामलों में मुफ्त कानूनी मदद, जेलों से 1981 बंदियों को मिली आज़ादी
गोरखपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) गरीब, असहाय और जरूरतमंद लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है। प्राधिकरण द्वारा अब तक 1414 मामलों में निशुल्क विधिक सहायता दी गई है, जिनमें से 1050 मामलों का सफल निस्तारण कर लोगों को राहत दिलाई गई। चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल बृजेश सिंह ने बताया कि यह पहल खास तौर पर उन लोगों के लिए है, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनकी पैरवी करने वाला कोई नहीं होता। ऐसे लोगों को लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के जरिए न्याय दिलाने का काम किया जा रहा है। जेलों में पहुंचकर हो रही पहचान और मदद डीएलएसए की टीम सीधे जेलों में जाकर बंदियों की स्थिति का जायजा लेती है। उनकी पृष्ठभूमि और जरूरतों को समझकर उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती है, जिससे वे अपने मामलों में सही तरीके से पैरवी कर सकें और जल्द रिहा हो सकें। नालसा सचिव के निर्देश पर जेलों के निरीक्षण के दौरान ऐसे 1981 बंदियों को भी रिहा कराया गया, जिनके पास जमानत कराने या अपनी बात रखने का कोई साधन नहीं था। यह पहल गरीब और अनपढ़ कैदियों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है। 10 हजार से ज्यादा लोगों को मिल चुकी मदद प्राधिकरण के हेल्प डेस्क के माध्यम से अब तक लगभग 10 हजार कैदियों और अन्य जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता दी जा चुकी है। गंभीर अपराधों में फंसे असहाय कैदियों की भी अदालत में पैरवी कर न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह पूरा अभियान चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल ब्रजेश सिंह, उनके डिप्टी चीफ (भगत सर, जफर सर) और असिस्टेंट टीम द्वारा जनपद न्यायाधीश राजकुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में लगातार चलाया जा रहा है। टीम की मेहनत से अब सैकड़ों लोगों को न्याय और आज़ादी मिल रही है। चीफ लीगल डिफेंस काउंसिल बृजेश सिंह ने बताया कि हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी गरीब या असहाय व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे। हमारी टीम लगातार जेलों में जाकर ऐसे लोगों की पहचान कर रही है और उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता देकर राहत दिला रही है।

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