'हमारे बच्चों को कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता':मां के सवालों से कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल, जेप्टो कर्मचारियों की सरेराह गुंडई का मामला

Oct 02, 2026 - 09:35
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'हमारे बच्चों को कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता':मां के सवालों से कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल, जेप्टो कर्मचारियों की सरेराह गुंडई का मामला
मेरे दोनों बच्चों को बेरहमी से पीटा गया है। दोनों को काफी चोटें आई हैं और वह दर्द से कराह रहे हैं। अगर उन्हें कुछ हो जाता तो हमारा क्या होता। योगी आदित्यनाथ की सरकार होते हुए हम जैसे पढ़ने-लिखने वाले परिवारों के साथ भी ऐसा होता रहा तो हम कहां जाएंगे। कसेरूखेड़ा निवासी शिवानी गर्ग के दोनों बेटे नैतिक गर्ग और वियान गर्ग बुधवार रात कथित रोडरेज के बाद हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। परिवार का आरोप है कि जेप्टो कंपनी के कर्मचारियों ने दोनों भाइयों के साथ बेरहमी से मारपीट की। नैतिक के सिर पर धारदार हथियार से वार किए जाने का आरोप है, जबकि वियान के साथ भी मारपीट करने और उसे बेसमेंट में नीचे फेंकने की कोशिश किए जाने की बात कही गई है। दोनों के चोटिल होने के बाद पूरे परिवार में दहशत का माहौल है। घटना के बाद मां शिवानी गर्ग का दर्द कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा करता है। उनका कहना है कि अगर हमलावरों की भीड़ के बीच उनके बच्चों को कुछ हो जाता तो उनके परिवार का क्या होता? शिवानी सवाल उठा रही हैं कि अगर शिकायत लेकर पुलिस अथवा कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचने के बजाय किसी विवाद का जवाब भीड़ जुटाकर मारपीट से दिया जाएगा तो क्या आम परिवार खुद को सुरक्षित महसूस करेगा? पहले सिलसिलेवार समझिए पूरी घटना - जेप्टो का डिलीवरी ब्वॉय रॉन्ग साइड से आया और उसने नैतिक व वियान की स्कूटी में टक्कर मार दी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत उसके मैनेजर से करने का फैसला किया। - नैतिक-वियान डिलीवरी ब्वॉय की शिकायत लेकर उसके मैनेजर के पास पहुंचे। इसी दौरान मामला बढ़ गया। आरोप है कि डिलीवरी ब्वॉय ने फोन कर अपने 10-15 साथियों को बुला लिया। - नैतिक के मुताबिक कुछ ही देर में कई युवक वहां पहुंच गए। सभी आरोपी डिलीवरी ब्वॉय को वहां से ले जाने के लिए आए थे। जब नैतिक और वियान ने आरोपी को ले जाने से रोकने की कोशिश की तो विवाद मारपीट में बदल गया। - नैतिक की मानें तो उन्होंने पुलिस के आने तक टक्कर मारने वाले डिलीवरी ब्वाय को रुकने के लिए बोला लेकिन तभी उन पर हमला हो गया। - धारदार हथियार से उनके सिर पर वार किया गया, जिससे खून बहने लगा। कुछ हमलावरों ने उनकी गर्दन दबाई, जबकि अन्य ने मुक्कों से ताबड़तोड़ पिटाई की। - वियान को भी हमलावरों ने पकड़ लिया और उसकी गर्दन दबाकर बुरी तरह पीटा। नैतिक की मानें तो उसे ग्रिल के पास ले जाकर नीचे बेसमेंट में फेंकने की कोशिश की गई। - वियान को नीचे गिराने की कोशिश में उसके पेट में अंदरूनी चोट आई है। सीटी स्कैन में उसके सिर में भी चोट सामने आई है। दोनों भाइयों का उपचार कराया जा रहा है। नैतिक बोले- वह पल याद कर सहम जाता हूं हमले में घायल हुए नैतिक ने कहा कि घटना को याद करने पर वह आज भी सहम जाते हैं। उनका कहना है कि अगर थोड़ी और देर हो जाती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। जिस तरह कई लोग एक साथ दोनों भाइयों पर टूट पड़े, उससे उनकी जान को भी खतरा पैदा हो गया था। हमले ने खड़े किए कानून-व्यवस्था पर सवाल रोडरेज की इस घटना में सबसे बड़ा सवाल यह है कि सड़क पर हुई कथित टक्कर और उसके बाद शिकायत के विवाद को लेकर इतनी बड़ी संख्या में लोग कैसे जुट गए और मारपीट इतनी गंभीर स्थिति तक कैसे पहुंच गई। परिवार का आरोप है कि दोनों भाइयों को भीड़ ने घेरकर पीटा और गंभीर चोटें पहुंचाईं। हालांकि हमले में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही, कितने लोग मौके पर मौजूद थे और धारदार हथियार से हमला किसने किया, इन सभी बिंदुओं की पुलिस जांच कर रही है। रोडरेज का विवाद और बढ़ता खतरा मेरठ में सड़क पर मामूली टक्कर या कहासुनी के बाद हिंसा का यह अकेला मामला नहीं है। हाल के दिनों में सड़क विवादों के गंभीर परिणाम सामने आए हैं। सदर बाजार क्षेत्र में भी बीच सड़क युवक को घेरकर पीटने का वीडियो सामने आया था, जिसमें पुलिस ने वीडियो के आधार पर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे भी गंभीर मामला सिविल लाइन क्षेत्र का है। 22 अगस्त को सुशीला जसवंत राय अस्पताल के पास स्कूटी की टक्कर के बाद गौरव चौधरी और उसके दोस्त के साथ मारपीट हुई थी। आरोप है कि बॉक्सर अमर ने गौरव के चेहरे पर मुक्का मारा, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। करीब एक महीने उपचार के बाद 22 सितंबर को गौरव की मौत हो गई। सवाल यह है कि कब रूकेंगी रोडरेज की घटनाएं गंगानगर की इस घटना ने फिर यही सवाल सामने खड़ा कर दिया है कि सड़क पर मामूली टक्कर के बाद लोग कानून अपने हाथ में लेने से क्यों नहीं डर रहे हैं। सिविल लाइन की घटना में एक युवक की जान जा चुकी है और अब गंगानगर में दो भाइयों को सड़क विवाद के बाद कथित रूप से घेरकर पीटने का मामला सामने आया है। कानून-व्यवस्था के सामने चुनौती सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी की नहीं, बल्कि सड़क पर होने वाले मामूली विवादों को हिंसक होने से रोकने की भी है। गंगानगर की घटना में वीडियो साक्ष्य सामने आने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अपराधियों में कानून का भय कायम रखने की व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

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