इंद्रकांत त्रिपाठी मौत मामले में वादी से डेढ़ घंटे जिरह:तत्कालीन दरोगा के वकील ने किए सवाल-जवाब, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई

Sep 29, 2026 - 19:03
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इंद्रकांत त्रिपाठी मौत मामले में वादी से डेढ़ घंटे जिरह:तत्कालीन दरोगा के वकील ने किए सवाल-जवाब, 8 अक्टूबर को अगली सुनवाई
महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत से जुड़े मामले में मंगलवार को बांदा की विशेष भ्रष्टाचार निवारण अदालत में सुनवाई हुई। कोर्ट में तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला की ओर से अधिवक्ता अशोक दीक्षित ने वादी रविकांत त्रिपाठी के बयान पर करीब डेढ़ घंटे तक जिरह की। इस दौरान मुकदमे से जुड़े अलग-अलग बिंदुओं पर वादी से सवाल-जवाब किए गए। अब मामले में अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी। तीन आरोपी कोर्ट में मौजूद रहे सुनवाई के दौरान तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, सुरेश सोनी और ब्रह्मदत्त शुक्ला कोर्ट में मौजूद रहे। वहीं बर्खास्त आईपीएस मणिलाल पाटीदार और तत्कालीन सिपाही अरुण यादव न्यायालय में पेश नहीं हुए। 21 सितंबर को नहीं हो सकी थी जिरह इससे पहले 21 सितंबर को भी मामले में जिरह होनी थी। उस दिन वादी रविकांत त्रिपाठी और तत्कालीन दरोगा देवेंद्र शुक्ला कोर्ट में मौजूद थे, लेकिन जिरह की कार्रवाई नहीं हो सकी थी। मणिलाल पाटीदार, अरुण यादव, ब्रह्मदत्त शुक्ला और सुरेश सोनी की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने हाजिरी माफी की अर्जी दाखिल की थी। इसके बाद अदालत ने 29 सितंबर की तारीख तय की थी। 5 सितंबर को साढ़े चार घंटे दर्ज हुए थे बयान 5 सितंबर को विशेष अदालत में रविकांत त्रिपाठी के बयान करीब साढ़े चार घंटे तक दर्ज हुए थे। बयान पूरा होने के बाद विपक्ष की ओर से कुछ बिंदुओं पर जिरह भी हुई थी। उस दिन देवेंद्र शुक्ला, अरुण यादव, ब्रह्मदत्त शुक्ला और सुरेश सोनी कोर्ट में मौजूद रहे थे। मणिलाल पाटीदार की ओर से हाजिरी माफी दाखिल की गई थी। 2020 में हुई थी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत यह मामला महोबा के क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की सितंबर 2020 में हुई मौत से जुड़ा है। इंद्रकांत गोली लगी हालत में कार में मिले थे। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उनके भाई रविकांत त्रिपाठी की शिकायत पर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, तत्कालीन कबरई थानाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, सिपाही अरुण यादव और कारोबारी सुरेश सोनी व ब्रह्मदत्त शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मुकदमे में अवैध उगाही और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए थे। रविकांत त्रिपाठी इस मामले में वादी हैं। 8 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई मंगलवार को देवेंद्र शुक्ला की ओर से अधिवक्ता अशोक दीक्षित ने करीब डेढ़ घंटे तक रविकांत त्रिपाठी के बयान पर जिरह की। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की है।

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