जौनपुर की 2 सीटों पर सुभासपा लड़ेगी चुनाव:अरविंद राजभर बोले- शिवपाल और धर्मेंद्र को भी अखिलेश यादव से मिलने के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी
जौनपुर में सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर ने मंगलवार को जौनपुर में पार्टी की 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। दोपहर करीब 3 बजे नगर के एक स्कूल में हुई बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और सदस्यता अभियान को गति देने पर चर्चा हुई। अरविंद राजभर ने कहा कि पार्टी प्रदेशभर में सदस्यता अभियान चला रही है और कार्यकर्ताओं के उत्साह को संगठन की मजबूती में बदलने का प्रयास किया जा रहा है। बोले- वंचित और शोषित लोगों को संगठन से जोड़ रहे अरविंद राजभर ने कहा कि पार्टी गांव-गांव जाकर बूथ मजबूत करने की तैयारी कर रही है। समाज के वंचित, शोषित और पीड़ित लोगों को संगठन से जोड़ने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के निर्देश पर बूथ स्तर पर कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुभासपा ने 2027 के चुनाव को लेकर 84 सीटों पर तैयारी की बात कही है। इनमें जौनपुर की दो विधानसभा सीटें भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों सीटों पर पार्टी संगठन का विस्तार कर रही है और बूथ स्तर के कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं। बोले- NDA में सहयोगियों का भी ध्यान रखना होगा अरविंद राजभर ने कहा कि आने वाले चुनाव में जौनपुर की दो सीटों पर सुभासपा के चुनाव लड़ने की मांग गठबंधन के सामने रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि एनडीए में भाजपा के साथ निषाद पार्टी, अपना दल और सुभासपा समेत अन्य सहयोगी दल हैं, इसलिए सीटों के बंटवारे में गठबंधन के सभी सहयोगियों का ध्यान रखना होगा। उन्होंने जौनपुर की शाहगंज सीट का भी जिक्र किया और कहा कि पार्टी वहां संगठन को मजबूत कर रही है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला गठबंधन स्तर पर होगा। चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोपों को किया खारिज चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के आरोपों पर अरविंद राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग पर सवाल उठाने का सिलसिला पहले भी चलता रहा है। उन्होंने 2017, 2022 और 2024 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि एक ही चुनाव व्यवस्था में अलग-अलग चुनाव हुए हैं। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन के साथ जनता है। बोले- सपा में नेताओं को अखिलेश से मिलने के लिए लेनी पड़ती थी अनुमति ओमप्रकाश राजभर की ओर से सपा के अंदरूनी कामकाज को लेकर किए गए दावों पर अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा करीब 10 महीने तक सपा के साथ गठबंधन में रही थी और इस दौरान उन्होंने कई बातें खुद देखीं। उन्होंने दावा किया कि शिवपाल यादव और धर्मेंद्र यादव को भी अखिलेश यादव से मिलने के लिए अनुमति लेनी पड़ती थी। अरविंद राजभर ने एक बैठक का कथित घटनाक्रम बताते हुए कहा कि शिवपाल यादव को गेट खुलने के लिए करीब 10 मिनट इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि वे खुद इस घटनाक्रम के गवाह हैं। कहा- बिना ओमप्रकाश राजभर के सरकार बनाने का सपना पूरा नहीं होगा अरविंद राजभर ने अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेतृत्व ने क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने का प्रयास किया और अब गठबंधन की राजनीति को लेकर परेशान है। उन्होंने कहा कि 2027 में सरकार बनाने का सपना देख रही सपा के लिए सुभासपा के बिना यह आसान नहीं होगा। हालांकि, यह उनका राजनीतिक दावा है। उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव अभी होना है और सीटों का अंतिम बंटवारा भी गठबंधन स्तर पर तय होना बाकी है।
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